Violent protests against SIR in Bengal

बंगाल में SIR के खिलाफ हिंसक बवाल: BDO दफ्तर में तोड़फोड़ के बाद आगजनी

📍 उत्तर दिनाजपुर (पश्चिम बंगाल) | 🗓️ 16 जनवरी 2026: पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विरोध अब खुली हिंसा में तब्दील हो गया है।

उत्तर दिनाजपुर जिले के चाकुलिया में  उग्र भीड़ ने BDO कार्यालय में जमकर तोड़फोड़ करने के बाद आग लगा दी। इस हिंसक प्रदर्शन में करीब 20 लाख रुपये की सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा है।

घटना के दौरान हालात काबू में करने पहुंची पुलिस पर भी पथराव किया गया, जिसमें चाकुलिया थाने के स्टेशन इंचार्ज घायल हो गए। स्थिति बिगड़ने के बाद इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।


BDO कार्यालय में जमकर तोड़फोड़

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने पहले BDO दफ्तर के अंदर घुसकर—

  • कंप्यूटर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण तोड़ दिए
  • सरकारी फाइलों और दस्तावेजों में आग लगा दी
  • फर्नीचर, खिड़की और दरवाजे तहस-नहस कर दिए

इसके बाद दफ्तर का सामान बाहर निकालकर सड़क पर आगजनी की गई। फायर ब्रिगेड को घटनास्थल तक पहुंचने से रोकने के लिए सड़कों पर टायर जलाकर रास्ते बंद कर दिए गए, जिससे आग पर काबू पाने में देरी हुई।


पुलिस पर पथराव, FIR दर्ज, 10 लोग हिरासत में

हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने सख्ती बरती। चाकुलिया थाना पुलिस ने—

  • अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ FIR दर्ज की
  • 10 लोगों को हिरासत में लिया
  • इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


चुनाव आयोग का बयान: सुरक्षा बढ़ाने का आश्वासन

इस घटना को लेकर पश्चिम बंगाल के चीफ इलेक्शन ऑफिसर (CEO) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा की। CEO ने बताया—

“BDO गोलपोखर-2 एवं AERO गोलपोखर द्वारा चाकुलिया पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है। उपद्रवी भीड़ द्वारा BDO कार्यालय में तोड़फोड़ की गई, जिससे लगभग 20 लाख रुपये की सरकारी संपत्ति का नुकसान हुआ और सरकारी अधिकारी घायल हुए। FIR दर्ज कर ली गई है और 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है।”

CEO ने यह भी कहा कि मुख्य सचिव और राज्य के DGP ने SIR सुनवाई स्थलों पर पूरी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है।


SIR को लेकर लोगों की शिकायत क्या है?

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि— मतदाता सूची सत्यापन के नाम पर बार-बार नोटिस भेजकर आम लोगों को बार-बार सुनवाई के लिए बुलाया जा रहा है, जिससे उन्हें मानसिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।


सियासत गरमाई, सुकांत मजूमदार का बड़ा आरोप

इस हिंसा के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। बीजेपी नेता सुकांत मजूमदार ने आरोप लगाया—

“जहां-जहां SIR के खिलाफ विरोध हो रहा है, वे इलाके मुस्लिम बहुल हैं। टीएमसी विधायक लोगों को भड़काकर SIR की प्रक्रिया को बाधित करना चाहते हैं, ताकि मतदाता सूची का काम सही तरीके से न हो सके।”

टीएमसी की ओर से हालांकि इस बयान पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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