कोलकाता, 8 फरवरी 2026: पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के तहत सुनवाई अभी पूरी नहीं हो पाई है। मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) मनोज अग्रवाल ने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) से अतिरिक्त समय मांगा है।
शनिवार को सुनवाई का आखिरी दिन था, लेकिन कम से कम 15 से 20 विधानसभा क्षेत्रों में यह प्रक्रिया अधूरी रह गई है।
CEO कार्यालय ने ECI को लिखे पत्र में कहा कि तय समय में लंबित सुनवाई पूरी करना मुमकिन नहीं होगा।

प्रभावित क्षेत्रों में काम पूरा करने के लिए और दिन देने का आग्रह किया गया है। दोपहर तक विस्तार के लिए कोई औपचारिक मंजूरी नहीं पहुंची थी।
इन जिलों में सबसे ज्यादा समस्या
अधिकारियों के अनुसार, लंबित सुनवाई ज्यादातर तीन चुनावी जिलों में फैली है:
- मालदा (अल्पसंख्यक बहुल इलाके)
- दक्षिण 24 परगना (तटीय क्षेत्र)
- कोलकाता (उत्तर)
इन जिलों के जिला चुनाव अधिकारी पहले ही अतिरिक्त समय मांगने के लिए औपचारिक सुझाव जमा कर चुके हैं। CEO कार्यालय ने जिलों से जवाब मांगा था कि कहां-कहां सुनवाई बाकी है।
सुनवाई खत्म होने के बाद क्या होगा?
CEO मनोज अग्रवाल ने कहा कि सुनवाई खत्म होने के बाद अंतिम मतदाता सूची तैयार करने में लगभग एक हफ्ते का समय लगेगा।
ECI ने पहले अंतिम सूची के प्रकाशन के लिए 14 फरवरी की तारीख तय की थी। अगर सुनवाई का समय बढ़ाया जाता है, तो तारीख बदलनी पड़ेगी।
अंतिम सूची जारी होने के बाद चुनाव आयोग की एक पूरी टीम पश्चिम बंगाल के जमीनी हालात की समीक्षा के लिए आने की उम्मीद है। इसके बाद विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो सकता है।
SIR में अब तक का हाल
- मसौदा मतदाता सूची से 58.2 लाख नाम हटाए गए (मृत, स्थानांतरित, डुप्लीकेट)।
- चार लाख से अधिक नाम अंतिम सूची से हटाए जाने के लिए चिह्नित।
- इनमें लगभग 50,000 ‘अनमैप्ड’ मतदाता (2002 सूची से मैपिंग नहीं कर पाए)।
- करीब 3.5 लाख मामलों में ‘तार्किक विसंगतियां’ पाई गईं।
यह प्रक्रिया दिसंबर में शुरू हुई थी और अब सुनवाई के आखिरी चरण में है। CEO कार्यालय का कहना है कि अंतिम सूची के बाद ही सही संख्या सामने आएगी।
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