CM Mamata Banerjee tells Supreme Court on SIR.1

बड़े पैमाने पर वोटरों के नाम गलत तरीके से हटाए जा रहे: SIR पर सुप्रीम कोर्ट में बोलीं CM ममता बनर्जी

नई दिल्ली/कोलकाता। पश्चिम बंगाल में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई हुई।

खास बात यह रही कि इस अहम मामले में मुख्यमंत्री खुद अदालत में मौजूद रहीं और उन्होंने पीठ के सामने सीधे अपनी बात रखी।


“चुनाव से पहले जानबूझकर काटे जा रहे हैं वोटरों के नाम”

सुनवाई के दौरान ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि राज्य में चुनाव से पहले बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम गलत तरीके से वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया से गरीब वर्ग, महिलाएं और प्रवासी मजदूर सबसे ज़्यादा प्रभावित हो रहे हैं।

CM Mamata Banerjee tells Supreme Court on SIR.

मुख्यमंत्री ने अदालत को बताया कि कई ऐसे लोग, जो जीवित हैं, उन्हें रिकॉर्ड में ‘मृत’ दिखाकर मतदाता सूची से बाहर कर दिया गया है।


भाषाई विविधता बनी परेशानी की वजह?

ममता बनर्जी ने बंगाल की स्थानीय भाषाओं और बोलियों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि “यहां नामों की स्पेलिंग में अक्सर अंतर होता है। इसे आधार बनाकर लोगों के नाम काटना गलत है।”

उनका कहना था कि भाषा और उच्चारण के फर्क को तकनीकी गलती मानकर नज़रअंदाज़ किया जाना चाहिए, न कि नागरिकों को उनके मतदान अधिकार से वंचित किया जाए।


माइक्रो ऑब्जर्वर्स पर भी उठे सवाल

चुनाव आयोग की ओर से कोर्ट को बताया गया कि पर्याप्त सरकारी अधिकारियों की कमी के चलते उन्हें ‘माइक्रो ऑब्जर्वर्स’ नियुक्त करने पड़े। इस पर मुख्यमंत्री ने कड़ा ऐतराज़ जताते हुए कहा कि ये ऑब्जर्वर्स आधार कार्ड जैसे वैध दस्तावेज़ों को भी स्वीकार नहीं कर रहे और मनमाने ढंग से नाम हटाए जा रहे हैं।

SIR in Bengal


सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी: समय सीमित, लेकिन समाधान ज़रूरी

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि SIR प्रक्रिया के लिए अब सिर्फ चार दिन शेष हैं और समयसीमा को आगे बढ़ाना मुश्किल है।

हालांकि, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि “हर समस्या का समाधान निकलता है और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कोई भी निर्दोष नागरिक अपने संवैधानिक अधिकार से वंचित न रहे।”


सोमवार को अगली सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में चुनाव आयोग और सीईओ बंगाल सहित सभी पक्षों को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार से कहा है कि वे सोमवार तक ऐसे अधिकारियों की सूची दें, जो इस प्रक्रिया में मदद कर सकें।

Sir supreme court

अब इस संवेदनशील मामले की अगली सुनवाई सोमवार को होगी, जहां सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट किसी ठोस दिशा-निर्देश पर विचार करेगा।


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