कोलकाता | 26 नवंबर 2025 : पश्चिम बंगाल में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें “अराजकता का प्रतीक” करार दिया।
🌟 भाजपा का आरोप
- भाजपा नेताओं का कहना है कि ममता बनर्जी SIR अभियान का विरोध कर फर्जी वोटरों को बचाने की कोशिश कर रही हैं।
- उन्होंने आरोप लगाया कि TMC कार्यकर्ता BLOs को धमका रहे हैं और मतदाता सूची में छेड़छाड़ कर रहे हैं।
- भाजपा ने ममता को “लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करने वाली ताकत” बताया।
केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों और भाजपा नेताओं ने ममता बनर्जी पर तीखे प्रहार करते हुए अवैध घुसपैठ, चुनाव प्रक्रिया और प्रशासनिक अराजकता जैसे गंभीर मुद्दे उठाए हैं। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने ममता सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए दावा किया कि पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन अब तय है।
⚖️ ममता बनर्जी का पलटवार
- ममता ने कहा कि SIR अभियान के चलते अब तक 35 लोगों की मौत हो चुकी है।
- उन्होंने चुनाव आयोग को “BJP Commission” करार दिया।
- ममता का आरोप है कि भाजपा इस अभियान का इस्तेमाल वोट बैंक राजनीति के लिए कर रही है।
गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल को अवैध घुसपैठ का केंद्र बनने दे रही हैं। उन्होंने कहा कि रोहिंग्या समेत बड़ी संख्या में अवैध प्रवासियों को न सिर्फ शरण दी जा रही है, बल्कि उन्हें आधिकारिक दस्तावेज भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं,

जिससे वे देश के अलग-अलग हिस्सों में फैल रहे हैं। बंगाल सरकार अवैध घुसपैठियों के सहारे चल रही है और संविधान तथा हिंदुओं के खिलाफ नफरत फैलाने का काम कर रही है।
🌍 राजनीतिक महत्व
- बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।
- SIR अभियान के तहत अब तक करीब 14 लाख फॉर्म अनकलेक्टेबल पाए गए हैं।
- इस प्रक्रिया ने राज्य में भाजपा और TMC के बीच सीधा टकराव पैदा कर दिया है।
दूसरी ओर, भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने ममता बनर्जी पर चुनाव आयोग के काम में बाधा डालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “ममता बनर्जी मूर्खतापूर्ण व्यवहार कर रही हैं। एसआईआर चुनाव आयोग का काम है। अगर कोई भी ईसी के काम में दखल देगा, तो कानून अपना काम करेगा, चाहे वो कोई भी हो।”
वहीं, बिहार सरकार में मंत्री नितिन नवीन ने ममता बनर्जी पर अराजकता बढ़ाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “ममता बनर्जी अराजकता का प्रतीक बन चुकी हैं। बांग्लादेशी घुसपैठियों के सहारे सरकार चलाने की कोशिश अब असफल होने वाली है।”
फिलहाल, ममता बनर्जी की ओर से इन आरोपों पर कोई नई प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सियासी हलकों में माना जा रहा है कि यह विवाद आने वाले दिनों में और तीखा हो सकता है। बंगाल की राजनीति एक बार फिर राष्ट्रीय मंच पर गरमाई हुई है।
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