कोलकाता हिन्दी न्यूज | 02 अक्टूबर 2026: पश्चिम बंग राष्ट्रभाषा प्रचार समिति की ओर से 30 अक्टूबर 2026 को राममोहन लाइब्रेरी सभागार में “हिंदी के प्रचार-प्रसार में बंगाल की भूमिका” विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
प्रमुख अतिथि और उपस्थिति
कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि के रूप में डॉ. भारत भूषण शर्मा, पूर्व प्राचार्य, राजकीय महाविद्यालय, नौशहरा, राजौरी; संचालक, जम्मू-कश्मीर राष्ट्रभाषा प्रचार समिति; उपाध्यक्ष, जम्मू-कश्मीर श्री काशी विद्वत परिषद; हिंदी सलाहकार, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार उपस्थित रहे।
पश्चिम बंग राष्ट्रभाषा प्रचार समिति के अध्यक्ष एक्स एमएलए एवं साहित्यकार माननीय श्री डी. पी. राय, समिति के मंत्री श्री सूर्यवंशी चौधरी, डॉ. जगदीश प्रसाद चतुर्वेदी, वेद, पुराण, रामायण,
महाभारत एवं उपनिषद के ज्ञाता, प्रसिद्ध साहित्यकार, रचनाकार एवं समीक्षक डॉ. नृसिंह प्रसाद भादुड़ी, राममोहन लाइब्रेरी के सचिव श्री संजीत मित्रा तथा अन्य अनेक विद्वानों की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ
दीप प्रज्वलन एवं वंदे मातरम् के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। उद्घाटन सत्र में भारत सेवाश्रम संघ के महाराज श्री अन्वेषानंद जी ने हिंदी के महत्व तथा भारत को जोड़ने में हिंदी की भूमिका पर विचार व्यक्त किए।
संगोष्ठी सत्र
संगोष्ठी सत्र में डॉ. भारत भूषण शर्मा, डॉ. जगदीश प्रसाद चतुर्वेदी तथा प्रोफेसर डॉ. सुमिता चट्टोराज ने “हिंदी के प्रचार-प्रसार में बंगाल की भूमिका” विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
वक्ताओं ने हिंदी और बंगाल की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक परंपरा के संदर्भ में हिंदी के विकास तथा बांग्लाभाषी विद्वानों, साहित्यकारों और हिंदी-प्रचारकों के योगदान को रेखांकित किया।
सुनीति चटर्जी सम्मान
इस अवसर पर पश्चिम बंग राष्ट्रभाषा प्रचार समिति की ओर से महाराजा मनींद्र चंद्र कॉलेज के हिंदी विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. सुमिता चट्टोराज को “भाषाविद् प्रोफेसर डॉ. सुनीति चटर्जी सम्मान–2026” प्रदान किया गया।
उन्हें हिंदी भाषा एवं साहित्य के क्षेत्र में उनके 26 वर्षों के शिक्षण, अध्ययन एवं अध्यापन, महत्वपूर्ण शोधकार्य, शोधपरक लेखन, रचनात्मक लेखन तथा हिंदी के प्रचार-प्रसार में उनके निरंतर योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
‘बंग ज्योति’ का लोकार्पण
समारोह में डॉ. सुमिता चट्टोराज के संपादकत्व में ‘बंग ज्योति’ जुलाई–अगस्त–सितंबर 2026 अंक का लोकार्पण भी किया गया। इसके संपादक-परामर्श मंडल में श्री सूर्यवंशी चौधरी, डॉ. शंतानु पाल एवं डॉ. अनिर्बाण घोष तथा संयोजक के रूप में श्रीमती जयिता सेन बराट, क्षेत्रीय निदेशक, पश्चिम बंग राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, का योगदान रहा।
विद्यार्थियों और प्रचारकों का सम्मान
महाराजा मनींद्र चंद्र कॉलेज एवं खुदीराम सेंट्रल कॉलेज में समिति के सहयोग से आयोजित काव्यावृत्ति, निबंध लेखन आदि प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान किए गए।
इस अवसर पर हिंदी के प्रचार-प्रसार में उल्लेखनीय योगदान देने वाले अनेक प्रचारकों को भी सम्मानित किया गया।
इनमें श्री तापस कुसारी, श्री निताई दास, श्री निर्मल्य साहा, श्री देवाशीष राय, श्री रणजीत प्रसाद, श्री रामाश्रय साह, श्री परेशनाथ कर्मकार, श्री सुशील कुमार शर्मा तथा श्री अभिजीत कर्मकार सहित अन्य हिंदी-प्रचारक शामिल रहे।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
कार्यक्रम में ख्यादह जनजातीय समुदाय की ओर से लोक परंपरा एवं लोक संस्कृति पर आधारित पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किया गया।
प्रसिद्ध गायक श्री पंकज दास एवं डॉ. सुमिता चट्टोराज ने गुरुदेव रवीन्द्रनाथ ठाकुर के गीतों की प्रस्तुति से समारोह को सांस्कृतिक गरिमा प्रदान की।
धन्यवाद ज्ञापन
समापन अवसर पर राममोहन लाइब्रेरी के प्रिंसिपल श्री तापस कुमार घोष महोदय ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, आयोजकों एवं उपस्थितजनों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
उन्होंने अपने वक्तव्य में हिंदी के प्रचार-प्रसार में बंगाल की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए बंगाल की समृद्ध भाषिक, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक परंपरा में हिंदी के विकास और प्रसार की चर्चा की।
पूरे कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर डॉ. सुमिता चट्टोराज ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में श्रीमती जयिता सेन बराट, क्षेत्रीय निदेशक, पश्चिम बंग राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
समग्र रूप से यह राष्ट्रीय संगोष्ठी बंगाल की बहुभाषिक एवं समन्वयवादी सांस्कृतिक परंपरा में हिंदी की भूमिका तथा हिंदी के प्रचार-प्रसार में बंगाल के विद्वानों, साहित्यकारों और प्रचारकों के योगदान को रेखांकित करने वाला महत्वपूर्ण आयोजन रहा।
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