कोलकाता, 9 मार्च 2026: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की पश्चिम बंगाल यात्रा के दौरान हुए कथित प्रोटोकॉल उल्लंघन को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के बीच तनाव बढ़ गया है। राज्य सरकार ने शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) को विस्तृत जवाब भेज दिया है।
गृह मंत्रालय ने रविवार सुबह मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती के कार्यालय से रिपोर्ट मांगी थी और उसी दिन शाम 5 बजे तक जवाब देने की समय सीमा दी थी।
राज्य सचिवालय के एक अंदरूनी सूत्र ने पुष्टि की कि गृह मंत्रालय द्वारा उठाए गए सभी बिंदुओं पर बिंदुवार स्पष्टीकरण भेज दिया गया है। हालांकि, रिपोर्ट की विस्तृत जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया गया।
मुख्य बातें –:
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की बंगाल यात्रा पर प्रोटोकॉल विवाद
- गृह मंत्रालय ने स्पष्टीकरण मांगा, राज्य सरकार ने शनिवार को जवाब भेजा
- ममता बनर्जी का दावा – प्रोटोकॉल का कोई उल्लंघन नहीं, जिला प्रशासन मौजूद था
- राष्ट्रपति का बयान – मुख्यमंत्री या मंत्रियों से मुलाकात नहीं हुई
- समय – 2026 विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा बदलाव
ममता बनर्जी का स्पष्ट बयान
रविवार शाम को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस मुद्दे पर खुलकर बात की और कहा: “सोमवार को राष्ट्रपति के सिलीगुड़ी के पास बागडोगरा हवाई अड्डे पर उतरने के बाद प्रोटोकॉल के अनुसार सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर गौतम देब, दार्जिलिंग के जिला मजिस्ट्रेट और सिलीगुड़ी महानगर पुलिस (एसएमसी) के कमिश्नर उनका स्वागत करने के लिए हवाई अड्डे पर मौजूद थे।
प्रोटोकॉल का कोई उल्लंघन नहीं हुआ। मुख्यमंत्री के तौर पर मेरा उनका स्वागत करने या कार्यक्रम में मंच पर उपस्थित होने का कोई इरादा नहीं था। चूंकि जिला प्रशासन वहां मौजूद था, इसलिए प्रोटोकॉल के उल्लंघन का कोई सवाल ही नहीं उठता।”
राष्ट्रपति की यात्रा और विवाद
राष्ट्रपति को शुक्रवार दोपहर उत्तर बंगाल पहुंचना था, लेकिन कुछ अपरिहार्य कारणों से दौरा स्थगित कर दिया गया। शनिवार सुबह 11:30 बजे वे बागडोगरा हवाई अड्डे पर उतरीं।
उन्हें दार्जिलिंग जिले के सिलीगुड़ी के पास फांसिदेवा क्षेत्र में आदिवासी समुदाय के एक कार्यक्रम में शामिल होना था, लेकिन बाद में कार्यक्रम स्थल को बदलकर गोसाईपुर कर दिया गया। कार्यक्रम स्थल में बदलाव को लेकर राष्ट्रपति ने असंतोष जताया।
फांसिदेवा पहुंचने के बाद राष्ट्रपति मुर्मू ने राज्य प्रशासन की हल्की आलोचना करते हुए कहा कि ममता बनर्जी उनकी छोटी बहन जैसी हैं। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य के दौरे के दौरान न तो मुख्यमंत्री और न ही उनके मंत्रिमंडल के किसी सहयोगी ने उनसे मुलाकात की, जो राष्ट्रपति के किसी स्थान के दौरे के दौरान स्थापित परंपराओं और प्रोटोकॉल के खिलाफ है।
राजनीतिक बयानबाजी
राष्ट्रपति के बयानों के बाद भाजपा नेताओं और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच जुबानी जंग छिड़ गई। आखिरकार रविवार सुबह गृह मंत्रालय ने प्रोटोकॉल उल्लंघन के संबंध में राज्य सरकार से स्पष्टीकरण मांगा।
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