कोलकाता हिन्दी न्यूज | 12 अगस्त 2026: पश्चिम बंगाल में इसी साल के अंत तक नगर निकाय चुनाव होने की संभावना के बीच राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। चुनाव से पहले कोलकाता और हावड़ा नगर निगम के वार्डों के पुनर्विन्यास की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।
इसी दिशा में विधानसभा में कोलकाता और हावड़ा नगर निगम से जुड़े दो अलग-अलग संशोधन विधेयक पारित किए गए हैं।
वार्ड पुनर्विन्यास को लेकर हालांकि विपक्ष की ओर से सवाल भी उठाए गए हैं। पूर्व मेयर और विधायक फिरहाद हाकिम ने पूछा कि आखिर वार्डों का पुनर्विन्यास किस आधार पर किया जा रहा है।
इसके अलावा परिसीमन के दौरान अल्पसंख्यक समुदाय के हितों पर असर पड़ने की आशंका को लेकर भी राजनीतिक चर्चा शुरू हो गई है।
इन सवालों पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने विधानसभा में सरकार का पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा कि वार्डों की सीमाओं को मनमाने तरीके से तय नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसके लिए निर्धारित नियम और प्रक्रिया है तथा इस पूरी प्रक्रिया में राज्य निर्वाचन आयोग की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
वार्ड परिसीमन पर क्या बोले मुख्यमंत्री?
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने विधानसभा में कहा, “हम कोई सीमा खींचकर जनसंख्या निर्धारित करके नया नक्शा नहीं बना रहे हैं। इसके लिए निश्चित नियम हैं। यह काम राज्य निर्वाचन आयोग करता है।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आम लोगों के पास आपत्ति और अपने सुझाव देने का अवसर रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा में संशोधन विधेयक लाकर सीटों की संख्या निर्धारित करने की प्रक्रिया पर चर्चा की गई है। इसके बाद आगे की जिम्मेदारी राज्य निर्वाचन आयोग की होगी।
दो सर्वदलीय बैठकें भी होंगी
शुभेंदु अधिकारी ने यह भी साफ किया कि वार्ड पुनर्विन्यास की प्रक्रिया में दो सर्वदलीय बैठकें आयोजित की जाएंगी। यानी सरकार इस प्रक्रिया को केवल प्रशासनिक स्तर पर पूरा करने के बजाय राजनीतिक दलों को भी इसमें शामिल करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा में विधेयक पेश करने के बाद सीटों की संख्या निर्धारित करने पर चर्चा हुई है और अब आगे की प्रक्रिया राज्य निर्वाचन आयोग के स्तर पर पूरी होगी।
फिरहाद हाकिम ने उठाया वार्ड पुनर्विन्यास पर सवाल
‘द कोलकाता कॉरपोरेशन म्यूनिसिपल (संशोधन) विधेयक, 2026’ पेश किए जाने से पहले विधानसभा में पूर्व मेयर और विधायक फिरहाद हाकिम ने चर्चा में हिस्सा लिया। उन्होंने वार्ड पुनर्विन्यास का सीधे तौर पर विरोध नहीं किया, लेकिन इसकी प्रक्रिया और आधार पर सवाल जरूर उठाया।
फिरहाद हाकिम ने कहा, “मैं सैद्धांतिक रूप से वार्ड पुनर्विन्यास का विरोध नहीं कर रहा हूं। लेकिन वार्ड पुनर्विन्यास किस नीति के आधार पर किया जा रहा है?”
उन्होंने सुझाव दिया कि पूरी प्रक्रिया को केवल अधिकारियों या इंजीनियरों पर छोड़ने के बजाय जनप्रतिनिधियों को भी इसमें शामिल किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, सभी राजनीतिक दलों की बैठक बुलाकर वार्ड पुनर्विन्यास की प्रक्रिया पर चर्चा करना ज्यादा बेहतर होगा।
फिरहाद पर मुख्यमंत्री का हमला
फिरहाद हाकिम के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने उन पर राजनीतिक हमला भी बोला। उन्होंने कहा कि बतौर मेयर फिरहाद हाकिम का कार्यकाल समाप्त होने में अभी करीब छह महीने बाकी थे, लेकिन उससे पहले ही उन्होंने पद छोड़ दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निगम एक ‘सर्विस इंडस्ट्री’ है और लोगों को लगातार नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना नगर निगम की जिम्मेदारी है।
‘पुराना नक्शा हटाकर नया नहीं बनाया जा रहा’
मुख्यमंत्री ने विधानसभा में ऋतब्रत खेमे के ‘असल’ तृणमूल कांग्रेस के दो विधायकों फिरहाद हाकिम और जावेद खान की ओर से उठाए गए सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि दोनों विधायकों की बातों से ऐसा लग रहा था मानो सरकार ने पुराने नक्शे को हटाकर अपनी पसंद के मुताबिक कोई नया नक्शा तैयार कर दिया हो। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ऐसा नहीं है और वार्ड पुनर्विन्यास के लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाएगा।
चुनाव से पहले परिसीमन क्यों महत्वपूर्ण?
नगर निकाय चुनाव से पहले वार्ड परिसीमन एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रिया होती है। वार्डों की सीमाओं, जनसंख्या और सीटों के पुनर्गठन के बाद ही चुनावी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकता है।
ऐसे में कोलकाता और हावड़ा नगर निगम से जुड़े संशोधन विधेयकों का विधानसभा से पारित होना इस साल संभावित नगर निकाय चुनाव की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हालांकि, चुनाव की अंतिम तारीख को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग की आगामी प्रक्रिया के बाद ही चुनाव कार्यक्रम को लेकर तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।
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