West Bengal Mosque Inauguration Controversy TMC MLA Humayun Kabir Babri Remark Governor CV Ananda Bose Reaction Bengal Politics Mosque Issue West Bengal Communal Harmony Debate TMC vs BJP Mosque Inauguration Babri Masjid Reference Bengal Politics Humayun Kabir Statement Controversy Governor Bose Objection Mosque Issue West Bengal 2026 Election Politics

बंगाल में बाबरी तर्ज पर मस्जिद उद्घाटन पर सियासत गर्म, राज्यपाल बोस ने जताई कड़ी आपत्ति

कोलकाता | 4 दिसंबर 2025 : पश्चिम बंगाल में एक मस्जिद के उद्घाटन को लेकर राजनीतिक तापमान अचानक बढ़ गया है। टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर के बयान के बाद सियासत और गरमा गई है। कबीर ने आरोप लगाया कि विपक्ष “बाबरी तर्ज पर माहौल बिगाड़ने की कोशिश” कर रहा है।

इस बयान पर राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि ऐसे वक्तव्य सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकते हैं।

🌟 क्या कहा टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर ने?

  • कबीर ने दावा किया कि मस्जिद उद्घाटन को लेकर “अनावश्यक विवाद” खड़ा किया जा रहा है।
  • उन्होंने चेतावनी दी कि “बाबरी जैसे हालात पैदा करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
  • कबीर ने कहा कि राज्य में धार्मिक सौहार्द को बिगाड़ने की किसी भी कोशिश का टीएमसी कड़ा विरोध करेगी।

कबीर ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि राज्य प्रशासन उनके कार्यक्रम को रोकने की कोशिश करता है तो बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा, यहां तक कि हाईवे जाम करने की धमकी भी दे डाली। इस बीच राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने ऐसे किसी भी आयोजन पर कड़ी नाराजगी जताई है।

⚖️ राज्यपाल बोस की प्रतिक्रिया

  • राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने कबीर के बयान को “अनुचित और संवेदनशील मुद्दों को भड़काने वाला” बताया।
  • उन्होंने कहा कि सार्वजनिक पदों पर बैठे लोगों को ऐसे वक्तव्य देने से बचना चाहिए जो सामाजिक तनाव बढ़ा सकते हैं।
  • राज्यपाल ने प्रशासन को शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राज्यपाल बोस ने कहा कि इंटेलिजेंस और फील्ड रिपोर्ट के मुताबिक मुर्शिदाबाद को “स्कैंडल के स्कूल” में बदलने की कोशिश हो रही है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि बाबरी मस्जिद जैसी संरचना का उल्लेख कर सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी और राज्य तथा संविधान केवल दर्शक बनकर नहीं रहेंगे।

🕌 विवाद की पृष्ठभूमि

  • हाल ही में बंगाल के एक जिले में नई मस्जिद का उद्घाटन हुआ था।
  • विपक्ष ने आरोप लगाया कि उद्घाटन “राजनीतिक लाभ” के लिए किया गया।
  • टीएमसी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह धार्मिक स्थल वर्षों से निर्माणाधीन था और इसका राजनीति से कोई संबंध नहीं है।

राज्यपाल ने बंगाल की बदलती जनसांख्यिकी को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि उपलब्ध आंकड़ों से जनसांख्यिकीय असंतुलन का संकेत मिलता है, जिसे वह एक सुनियोजित साजिश मानते हैं। हिंसा और भ्रष्टाचार पश्चिम बंगाल के दो बड़े “कैंसर” हैं, जिन्हें समाप्त करना आवश्यक है।

🌍 राजनीतिक असर

  • यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब राज्य में 2026 विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ शुरू हो चुकी हैं।
  • टीएमसी और बीजेपी दोनों इस मुद्दे को अपने-अपने राजनीतिक नैरेटिव में शामिल कर रहे हैं।
  • राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि धार्मिक मुद्दों पर बढ़ती बयानबाज़ी आने वाले महीनों में और तेज हो सकती है।

मुर्शिदाबाद जिला प्रशासन ने फिलहाल कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी है और कानून-व्यवस्था की समीक्षा जारी है। इस पर कबीर ने प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर उन्हें रोका गया, तो रेज़िनगर से बेहरामपुर तक हाईवे अवरुद्ध कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “संदेश साफ है—आग से मत खेलो।”

ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे कोलकाता हिन्दी न्यूज चैनल पेज को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। एक्स (ट्विटर) पर @hindi_kolkata नाम से सर्च कर, फॉलो करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

eleven + sixteen =