कोलकाता हिन्दी न्यूज | 25 जुलाई 2026: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य विधानसभा में बिजली वितरण और आपूर्ति बजट पर अपने जवाब के दौरान राज्य के विद्युत क्षेत्र को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
मुख्य फैसला
सरकार के सबसे बड़े फैसले के तहत, पश्चिम बंगाल राज्य विद्युत वितरण कंपनी (WBSEDCL) के ग्राहकों को अब तीन महीने के बजाय हर महीने बिजली का बिल भेजा जाएगा।
बिजली विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आम जनता की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।
अब ‘सीईएससी’ (CESC) की तर्ज पर ही WBSEDCL भी हर महीने उपभोक्ताओं के घर बिल भेजेगी, जिससे उपभोक्ताओं पर एक बार में बड़ा आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।
स्मार्ट मीटर पर स्पष्टता
राज्य में स्मार्ट मीटर लगाए जाने को लेकर बनी भ्रम और अटकलों की स्थिति पर भी मुख्यमंत्री ने विराम लगा दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि हर घर में स्मार्ट मीटर लगाना बिल्कुल भी अनिवार्य नहीं है।
केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा केंद्र सरकार ने घरेलू या सामान्य उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट मीटर अनिवार्य नहीं किया है। इसलिए आम ग्राहकों को इस विषय में अनावश्यक रूप से चिंतित होने की कोई आवश्यकता नहीं है।
उन्होंने बताया कि फिलहाल केवल सरकारी विभागों और कार्यालयों में ही स्मार्ट मीटर लगाने का काम तेजी से किया जाएगा। सामान्य उपभोक्ताओं के लिए वर्तमान में जारी बिलिंग प्रणाली ही लागू रहेगी।
बिजली चोरी पर जीरो टॉलरेंस
बिजली चोरी के मामलों पर सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ऐसे अपराधों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ (बिल्कुल बर्दाश्त न करने) की नीति अपनाएगी।
आंगनवाड़ी केंद्रों को मुफ्त बिजली
इसके साथ ही, उन्होंने एक और जनहितकारी घोषणा करते हुए कहा कि राज्य के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों को अब से पूरी तरह से मुफ्त बिजली मुहैया कराई जाएगी।
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