कोलकाता हिन्दी न्यूज | 03 अगस्त 2026: पश्चिम बंगाल में कथित आतंकी नेटवर्क और हनीट्रैप मॉड्यूल को लेकर जांच एजेंसियों के सामने कई अहम जानकारियां आई हैं। जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, सोशल मीडिया के माध्यम से सुंदर युवतियों और उभरती मॉडल्स को निशाना बनाकर एक महिला गैंग तैयार करने की कथित योजना बनाई जा रही थी। एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं।
सूत्रों का दावा है कि कथित मॉड्यूल का उद्देश्य प्रभावशाली व्यक्तियों और राजनीतिक हस्तियों को हनीट्रैप के जरिए फंसाकर उनसे गोपनीय जानकारी हासिल करना और आर्थिक लाभ उठाना था।
जांच में यह भी सामने आया है कि राज्य के करीब छह मंत्रियों और उनके परिवार के सदस्यों को कथित रूप से निशाना बनाने की योजना बनाई गई थी। हालांकि इस संबंध में अभी तक किसी जांच एजेंसी ने आधिकारिक रूप से सभी नामों की पुष्टि नहीं की है।
सोशल मीडिया के जरिए बनाया जा रहा था नेटवर्क
जांच एजेंसियों के मुताबिक, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए पहले युवतियों से दोस्ती की जाती थी। इसके बाद उन्हें मॉडलिंग, अभिनय और ग्लैमर इंडस्ट्री में करियर बनाने के सपने दिखाकर कथित नेटवर्क से जोड़ा जाता था।
बाद में उन्हें प्रभावशाली लोगों के संपर्क में लाने और हनीट्रैप ऑपरेशन में इस्तेमाल करने की योजना थी।
अर्पिता सरकार की भूमिका की जांच
सूत्रों के अनुसार, झारखंड की रहने वाली अर्पिता सरकार को कथित तौर पर मॉडलिंग और अभिनय के अवसर का लालच देकर इस नेटवर्क से जोड़ा गया था। जांच में यह भी सामने आया है कि उसे कथित तौर पर सोशल मीडिया के माध्यम से हनीट्रैप की तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया।
एसटीएफ यह पता लगाने में जुटी है कि अर्पिता के अलावा और कितनी महिलाओं को इस नेटवर्क में शामिल किया गया था तथा किन-किन लोगों को कथित रूप से निशाना बनाया गया।
मंत्री के बेटे को फंसाने और फिरौती की कथित साजिश
जांच सूत्रों का दावा है कि अर्पिता सरकार ने कथित तौर पर हावड़ा के एक मंत्री के बेटे से कई महीनों तक संपर्क बनाए रखा। आरोप है कि पहले उसे हनीट्रैप में फंसाने, फिर आर्थिक वसूली करने और बाद में कथित अपहरण की योजना भी बनाई गई थी।
इन सभी आरोपों की जांच जारी है और अभी तक अदालत में इनकी पुष्टि नहीं हुई है।
एजेंसियां कई पहलुओं की कर रही हैं जांच
राज्य पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) इस बात की भी जांच कर रही है कि:
- इस कथित नेटवर्क में कितनी महिलाएं शामिल थीं।
- सोशल मीडिया के जरिए किस प्रकार लोगों को निशाना बनाया जा रहा था।
- क्या इस नेटवर्क का संबंध किसी अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन या विदेशी हैंडलरों से था।
- कथित हनीट्रैप मॉड्यूल के जरिए किन-किन वीआईपी को निशाना बनाने की योजना थी।
जांच एजेंसियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
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