कोलकाता | 29 सितंबर 2025 : भारत मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि 1 अक्टूबर से पश्चिम बंगाल में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। बंगाल की खाड़ी में बन रहे निम्न दबाव क्षेत्र के कारण यह स्थिति उत्पन्न हो रही है, जिससे 2 से 4 अक्टूबर तक कई जिलों में जलजमाव, तेज़ हवाओं और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।
⚠️ मौसम विभाग की चेतावनी
- तेज़ हवाएँ: 35–45 किमी/घंटा की रफ्तार से चल सकती हैं, कुछ स्थानों पर 55 किमी/घंटा तक
- समुद्र की स्थिति: उत्तरी और मध्य बंगाल की खाड़ी में अत्यंत अशांत, मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह
- भारी वर्षा: दक्षिण 24 परगना, उत्तर 24 परगना, हावड़ा, हुगली, कोलकाता, पूर्व और पश्चिम मिदनापुर में विशेष अलर्ट
बंगाल सरकार ने एक अक्टूबर से भारी बारिश के पूर्वानुमान के मद्देनजर आपातकालीन उपाय शुरू कर दिए हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।
अधिकारी ने पीटीआई को बताया, ‘स्थिति को देखते हुए हमने व्यापक आपातकालीन उपाय शुरू कर दिए हैं। सभी संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा गया है. मुख्यमंत्री स्थिति पर कड़ी नजर रख रही हैं।’
🛡️ प्रशासनिक तैयारियाँ
- मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सभी विभागों को आपातकालीन मोड में रहने का निर्देश दिया है
- राज्य नियंत्रण कक्ष स्थापित, जिसमें वरिष्ठ IAS अधिकारी तैनात रहेंगे
- 24×7 निगरानी और फेस्टिव सीज़न के दौरान विशेष सतर्कता (26 सितंबर–7 अक्टूबर, 20–24 अक्टूबर, 27–28 अक्टूबर)
- NDRF और SDRF टीमों को तैयार रखा गया है, विशेषकर दुर्गा पूजा के मंडपों के आसपास
महानगर और आसपास के इलाकों में हाल ही में हुई मूसलाधार बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं में 12 लोगों की जान चली गई थी। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने एक नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया है, जहाँ एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी तैनात रहेंगे।
अधिकारी ने बताया, ’24घंटे निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। यह नियंत्रण कक्ष पूरे त्योहारी सीजन में 26 सितंबर से 7 अक्टूबर, 20-24 अक्टूबर और 27-28 अक्टूबर तक चालू रहेगा।’
📢 दिशा-निर्देश
- आम नागरिक बिजली के खंभों, जलजमाव वाले क्षेत्रों और खुले मैदानों से दूर रहें
- मंडप आयोजकों को जलनिकासी और आपातकालीन रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है
- स्कूलों और कॉलेजों को स्थिति के अनुसार बंद रखने की छूट दी गई है
- WhatsApp और SMS अलर्ट सेवा के माध्यम से स्थानीय प्रशासन लोगों को सूचित करेगा
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना जताई है। इसके परिणामस्वरूप 2 से 4 अक्टूबर तक पश्चिम बंगाल के अधिकांश स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है।
इस दौरान कुछ स्थानों पर 35-45 किमी प्रति घंटे से लेकर 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक की तेज हवा चलने का भी अनुमान है।
मौसम विज्ञान विभाग ने एक बुलेटिन में कहा, ‘समुद्र की स्थिति खराब रहने की संभावना है। मछुआरों को सलाह दी जाती है कि वे इन दो दिनों में पश्चिम बंगाल-ओडिशा तटों के साथ-साथ उत्तरी और मध्य बंगाल की खाड़ी में समुद्र में न जाएँ।’
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