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बंगाल के 64 सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों से कंप्यूटर समेत उपकरण गायब, विभाग ने दिए FIR के निर्देश

कोलकाता हिन्दी न्यूज | 23 सितम्बर 2026: पश्चिम बंगाल के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए उपलब्ध कराए गए उपकरणों के गायब होने का मामला सामने आया है। पंचदश वित्त आयोग के स्वास्थ्य अनुदान से खरीदे गए कंप्यूटर और उनसे जुड़े बैटरी, वायर बॉक्स समेत कई अन्य उपकरणों के कई स्वास्थ्य केंद्रों से गायब होने की जानकारी मिली है।

राज्य में इस स्वास्थ्य अनुदान के तहत करीब 829 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई थी।

इसी राशि से सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों के बुनियादी ढांचे और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न उपकरण खरीदे गए थे। अब इन उपकरणों के गायब होने की शिकायतों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित अधिकारियों को कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

64 स्वास्थ्य केंद्रों से सामान गायब होने की जानकारी

स्वास्थ्य भवन की ओर से सभी जिलों के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारियों को भेजे गए निर्देश में बताया गया है कि अब तक 64 स्वास्थ्य केंद्रों से विभिन्न उपकरणों के गायब होने की जानकारी सामने आई है।

इन 64 केंद्रों में:

  • 50 उप-केंद्र
  • 13 ब्लॉक प्राइमरी हेल्थ यूनिट
  • 1 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं।

गायब हुए सामान में कंप्यूटर के अलावा बैटरी, वायर बॉक्स और अन्य संबंधित उपकरण भी शामिल बताए जा रहे हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने FIR दर्ज कराने के दिए निर्देश

स्वास्थ्य भवन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों के जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ स्थानीय थाने में FIR दर्ज कराने का निर्देश दिया है।

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निर्देश के मुताबिक, चोरी या गायब हुए उपकरणों की शिकायत दर्ज कराने के बाद FIR की प्रति सहित पूरी जानकारी जिले के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग को भेजनी होगी।

इस रिपोर्ट में यह भी बताना होगा कि कौन-कौन से उपकरण गायब हुए हैं और उनकी जिम्मेदारी किस अधिकारी या कर्मचारी के पास थी।

….तो वेतन से वसूली संभव

स्वास्थ्य विभाग ने केवल FIR दर्ज कराने तक मामला सीमित नहीं रखा है। विभागीय निर्देश के मुताबिक, जिन चिकित्सकों, नर्सों या अधिकारियों के जिम्मे इन उपकरणों की सुरक्षा और रखरखाव था, यदि जांच में उनकी लापरवाही साबित होती है तो उनके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।

इसके अलावा उपकरणों के नुकसान की भरपाई के लिए संबंधित कर्मचारी के वेतन से राशि की वसूली की कार्रवाई भी की जा सकती है।

पंचदश वित्त आयोग की राशि से खरीदे गए थे उपकरण

सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए पंचदश वित्त आयोग के तहत स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए धन उपलब्ध कराया गया था। पश्चिम बंगाल में इस मद में करीब 829 करोड़ रुपये की राशि का इस्तेमाल स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए किया गया।

इसी राशि के जरिए स्वास्थ्य केंद्रों को कंप्यूटर और अन्य जरूरी उपकरण उपलब्ध कराए गए थे। अब इन सामानों के गायब होने की जानकारी सामने आने के बाद विभाग ने सभी जिलों से संबंधित मामलों में कार्रवाई और रिपोर्ट भेजने को कहा है।

जांच के बाद सामने आएगी जिम्मेदारी

स्वास्थ्य विभाग के निर्देश के बाद अब संबंधित मामलों में स्थानीय थानों में शिकायत दर्ज कराई जाएगी। इसके बाद जांच के आधार पर यह पता लगाया जाएगा कि उपकरण कैसे गायब हुए और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी।

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यदि जांच में किसी कर्मचारी या अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जा सकती है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिलों के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए उपलब्ध कराए गए संसाधनों की सुरक्षा और उनका सही इस्तेमाल सुनिश्चित करना अब विभाग के लिए महत्वपूर्ण चुनौती बन गया है।

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