कोलकाता हिन्दी न्यूज | 14 सितम्बर 2026: इस साल अब तक पश्चिम बंगाल में डेंगू से प्रभावित लोगों की संख्या 5,000 से ज्यादा हो गई है। इसे देखते हुए राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने 29 नगर पालिकाओं, 85 कम्युनिटी डेवलपमेंट ब्लॉक और 278 ग्राम पंचायतों को हॉटस्पॉट के तौर पर पहचाना है।
राज्य स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि विभाग के कर्मचारी इन नगर पालिकाओं, ब्लॉक और पंचायतों में ज्यादा गहन और रैंडम ब्लड सैंपल टेस्ट पर ध्यान दे रहे हैं, क्योंकि पिछले महीने डेंगू-पॉजिटिव मामलों की सबसे ज्यादा संख्या इन्हीं हॉटस्पॉट से सामने आई है।
हॉटस्पॉट की पहचान कैसे हो रही है
विभाग ऐसे हॉटस्पॉट की पहचान के लिए एक खास फॉर्मूला अपना रहा है:
- जिस ग्राम पंचायत में डेंगू के 10 या उससे ज्यादा मरीज होते हैं, उसे हॉटस्पॉट पंचायत माना जाता है।
- अगर किसी कम्युनिटी ब्लॉक में 30 से ज्यादा लोगों को डेंगू है, तो उसे हॉटस्पॉट ब्लॉक माना जाता है।
- अगर किसी नगरपालिका के ज्यादातर वार्डों में डेंगू से प्रभावित पांच या उससे ज्यादा लोग हैं, तो उसे हॉटस्पॉट माना जाता है।
जागरूकता अभियान पर जोर
विभाग इन हॉटस्पॉट पर बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान भी चला रहा है। लोगों से कहा जा रहा है कि अगर उनमें डेंगू के लक्षण दिखें—जैसे कि दो या उससे ज्यादा दिनों तक लगातार बुखार रहना—तो वे खुद आगे आकर ब्लड टेस्ट करवाएं।
अधिकारी ने कहा, “हमें सबसे ज्यादा चिंता इस बात की है कि इनमें से कई हॉटस्पॉट में, दो या उससे ज्यादा दिनों तक बुखार रहने पर लोग अक्सर किसी डॉक्टर से सलाह लेने के बजाय खुद ही दवा ले लेते हैं। इससे संकट और बढ़ रहा है। इसलिए, हम बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चला रहे हैं और लोगों से अपील कर रहे हैं कि दो या उससे ज्यादा दिनों तक बुखार रहने पर खुद दवा न लें, बल्कि ब्लड टेस्ट के लिए नजदीकी हेल्थ सेंटर जाएं या किसी डॉक्टर से सलाह लें।”
घर-घर निगरानी और लार्वा नियंत्रण
स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी डेंगू को रोकने के लिए घर-घर जाकर निगरानी कर रहे हैं। लोगों से कहा जा रहा है कि वे घर की पानी की टंकियों और सिस्टर्न को ढंककर रखें। अगर ढक्कन नहीं है, तो उन्हें मच्छरदानी या जाली से ढंक देना चाहिए।
छत पर रखे गमलों और बेकार पड़े डिब्बों में पानी जमा होने से रोकने के बारे में भी जागरूकता फैलाई जा रही है।
विभाग तालाबों, नालियों, पूलों, सूखी नहरों, बेकार पड़े कुओं और कारखानों की भी निगरानी कर रहा है। गाइडलाइंस के मुताबिक लार्वा-मारने वाली दवाओं (लार्विसाइड्स) का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
ताजा आंकड़े
रविवार को स्वास्थ्य विभाग ने अपना ताजा डेंगू बुलेटिन जारी किया, जिसमें 11 सितंबर तक 5,002 लोगों के प्रभावित होने की जानकारी दी गई। चिंता की बात यह है कि अगस्त में इसी तारीख तक डेंगू से प्रभावित लोगों की कुल संख्या 2,500 से कम थी।
यानी पिछले एक महीने में 2,500 से ज्यादा नए मामले सामने आए हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित जिले:
- मुर्शिदाबाद – 1,072 मामले
- कोलकाता – 500 मामले
- नॉर्थ 24 परगना – 450 मामले
स्वास्थ्य विभाग लोगों से अपील कर रहा है कि सावधानी बरतें, पानी जमा न होने दें और बुखार होने पर तुरंत टेस्ट करवाएं।
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