कोलकाता न्यूज डेस्क | 16 जून 2026: पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के सभी सरकारी, सरकार पोषित और सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में 20 जून को ‘पश्चिम बंगाल दिवस’ अनिवार्य रूप से मनाने का निर्देश जारी किया है।
स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार इस अवसर पर निबंध लेखन, वाद-विवाद, क्विज प्रतियोगिता और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों में राज्य के इतिहास, संस्कृति और विरासत के प्रति जागरूकता विकसित हो सके।
शिक्षकों और छात्रों की उपस्थिति होगी अनिवार्य
विकास भवन से जारी निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि इस कार्यक्रम में शिक्षकों, विद्यार्थियों और शिक्षाकर्मियों की भागीदारी अनिवार्य होगी। जिला विद्यालय निरीक्षकों (DI) को भी निर्देश दिया गया है कि वे कार्यक्रम की संक्षिप्त रिपोर्ट और तस्वीरें निर्धारित प्रारूप में 25 जून तक शिक्षा विभाग को भेजें।
सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य नई पीढ़ी को पश्चिम बंगाल के गठन के इतिहास और राज्य के सांस्कृतिक महत्व से परिचित कराना है, साथ ही उनमें राज्य के प्रति जिम्मेदारी और जुड़ाव की भावना विकसित करना है।
कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में भी होगा विशेष आयोजन
स्कूलों के साथ-साथ राज्य के उच्च शिक्षा विभाग ने पहले ही सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को भी ‘पश्चिम बंगाल दिवस’ मनाने का निर्देश दिया है। केवल 20 जून को ही नहीं, बल्कि उसके बाद अगले दो से चार सप्ताह के भीतर विभिन्न शिक्षण संस्थानों में विशेष सेमिनार, संगोष्ठी और परिचर्चा आयोजित करने को कहा गया है।
इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को पश्चिम बंगाल के निर्माण, उसके ऐतिहासिक संदर्भ और सामाजिक-सांस्कृतिक विकास की जानकारी दी जाएगी।
क्यों चुनी गई 20 जून की तारीख?
20 जून का दिन पश्चिम बंगाल के इतिहास में विशेष महत्व रखता है। वर्ष 1947 में इसी दिन विधानसभा में मतदान के माध्यम से पश्चिम बंगाल के गठन का निर्णय लिया गया था।
इसी ऐतिहासिक घटना की स्मृति को संरक्षित रखने के लिए राज्य सरकार ने इसे ‘पश्चिम बंगाल दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है।
तारकेश्वर में होगा विशेष कार्यक्रम
इस ऐतिहासिक अवसर पर हुगली जिले के तारकेश्वर में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे।
ऐतिहासिक रूप से भी तारकेश्वर का महत्व है, क्योंकि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने यहीं आयोजित एक सम्मेलन में पश्चिम बंगाल के गठन के पक्ष में महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा था। सरकार का मानना है कि इस ऐतिहासिक संबंध को सम्मान देने के लिए इस स्थान का चयन किया गया है।
संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर
शिक्षा विभाग का मानना है कि आधुनिक पीढ़ी को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रखकर राज्य के इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक विकास से जोड़ना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से स्कूलों और उच्च शिक्षण संस्थानों में व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
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