कोलकाता हिन्दी न्यूज | 09 अगस्त 2026: पश्चिम बंगाल भाजपा ने संगठन के निचले स्तर पर कथित ‘तोलाबाजी’, सिंडिकेट और पार्टी-विरोधी गतिविधियों पर लगाम कसने की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी के भीतर ऐसे नेताओं और कार्यकर्ताओं की पहचान करने की जिम्मेदारी अब जिलों के प्रभारी पर्यवेक्षकों को दी गई है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, पर्यवेक्षक यह पता लगाएंगे कि संगठन में कौन लोग कथित तौर पर तोलाबाजी या सिंडिकेट गतिविधियों से जुड़े हैं और कौन पार्टी के हितों के खिलाफ काम कर रहे हैं।
राज्य भाजपा नेतृत्व का मानना है कि संगठन के निचले स्तर पर होने वाली गड़बड़ियों के कारण बार-बार शीर्ष नेतृत्व को हस्तक्षेप करना पड़ रहा है। इसे पार्टी के शीर्ष नेताओं ने गंभीरता से लिया है।
यही वजह है कि अब जिलों के स्तर पर ही ऐसे मामलों की पहचान कर कार्रवाई करने की जिम्मेदारी तय की जा रही है।
जिलाध्यक्ष और विधायकों को भी मिली जिम्मेदारी
पार्टी की ओर से जिलाध्यक्षों और संबंधित विधायकों को भी स्पष्ट संदेश दिया गया है कि अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं की कथित तोलाबाजी और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण रखना उनकी जिम्मेदारी होगी।
सूत्रों के मुताबिक, कई जिलों में जिलाध्यक्ष, जिला महासचिव और विधायकों के बीच पर्याप्त समन्वय नहीं होने की शिकायत राज्य नेतृत्व तक पहुंची है। पार्टी नेतृत्व ने इन नेताओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने और संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया है।
भाजपा का लक्ष्य निचले स्तर पर संगठनात्मक अनुशासन को मजबूत करना और ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाना है, जिनसे पार्टी की छवि प्रभावित हो सकती है।
‘विचलन’ पर होगी कार्रवाई: शमीक भट्टाचार्य
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य ने भी पार्टी के भीतर किसी भी तरह के ‘विचलन’ पर कार्रवाई का संकेत दिया है। शुक्रवार रात कोर कमेटी की बैठक के बाद उन्होंने साल्टलेक स्थित पार्टी कार्यालय में लंबे समय तक संगठनात्मक बैठक की।
बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में शमीक भट्टाचार्य ने कहा कि जनता ने केवल सरकार बदलने के लिए वोट नहीं दिया, बल्कि व्यवस्था और लोगों के काम करने के तरीके में बदलाव की अपेक्षा की है।
जहां भी संगठन में विचलन दिखाई दे रहा है, वहां पार्टी की ओर से कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा कोई राजनीतिक दल नहीं है, जिसमें किसी न किसी स्तर पर विचलन न हो। हालांकि, भाजपा ने इस तरह की गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई का रास्ता चुना है।
‘लिंचिंग’ की राजनीति पर भी बोले प्रदेश अध्यक्ष
शमीक भट्टाचार्य ने पिछली सरकार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि अगर पिछले 15 वर्षों के कथित अत्याचारों का बदला उसी तरीके से लिया जाता तो कई लोग मॉब लिंचिंग का शिकार हो सकते थे। उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने उस रास्ते को नहीं अपनाया।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के विधायक, पार्षद और मंत्री सुरक्षित हैं और भाजपा ने बदले की राजनीति का रास्ता नहीं चुना।
कोर कमेटी में आगामी आंदोलन पर चर्चा
कोर कमेटी की बैठक में पार्टी की मौजूदा राजनीतिक रणनीति के अलावा आने वाले दिनों में आंदोलन की रूपरेखा पर भी चर्चा हुई। पार्टी संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की रणनीति पर विचार किया गया।
इसके अलावा आगामी नगर निकाय चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठनात्मक तैयारियों, बूथ स्तर पर पार्टी की ताकत बढ़ाने और चुनावी रणनीति पर भी चर्चा हुई। संभावित परिसीमन और वार्डों के पुनर्गठन को लेकर भी पार्टी की तैयारियों पर विचार किए जाने की खबर है।
संगठन में अनुशासन पर भाजपा का जोर
पार्टी नेतृत्व का संदेश साफ है कि संगठन के निचले स्तर पर किसी भी तरह की कथित तोलाबाजी, सिंडिकेट गतिविधि या पार्टी-विरोधी काम को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
अब जिलों के प्रभारी पर्यवेक्षकों के जरिए ऐसे मामलों की निगरानी और पहचान करने की कोशिश की जाएगी।
आने वाले दिनों में इस प्रक्रिया के आधार पर किन नेताओं या कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई होती है, इस पर सबकी नजर रहेगी।
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