कोलकाता हिन्दी न्यूज | 16 अगस्त 2026: पश्चिम बंगाल में रविवार को स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी दो बड़ी योजनाओं की शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नेताजी इंडोर स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं के तहत राज्य के अधिक से अधिक परिवारों को बेहतर और कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, अब तक स्वास्थ्यसाथी योजना के दायरे से बाहर रहने वाली कई गंभीर चिकित्सा प्रक्रियाओं को भी इन दोनों योजनाओं में शामिल किया गया है। इनमें घुटने और हिप रिप्लेसमेंट जैसी सर्जरी भी शामिल हैं।
1.43 करोड़ परिवारों को आयुष्मान भारत का लाभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के करीब 1 करोड़ 43 लाख परिवार आयुष्मान भारत योजना के दायरे में आएंगे। वहीं, जो करीब 80 लाख परिवार आयुष्मान भारत के तहत पात्र नहीं होंगे, उन्हें मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ दिया जाएगा।
इससे राज्य में बड़ी संख्या में ऐसे परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा मिलने की उम्मीद है, जिन्हें महंगे इलाज का खर्च उठाने में परेशानी होती है।
1,867 अस्पतालों में मिलेगी सुविधा
सरकार के अनुसार, दोनों योजनाओं का लाभ पश्चिम बंगाल के 1,240 निजी और 627 सरकारी अस्पतालों में लिया जा सकेगा। यानी राज्य में कुल 1,867 अस्पताल इन योजनाओं से जुड़े होंगे।
इसके अलावा देशभर के 38,604 अस्पतालों में भी लाभार्थियों को उपचार की सुविधा मिलने का दावा किया गया है। इससे पश्चिम बंगाल के लोगों को राज्य से बाहर इलाज कराने पर भी योजना का लाभ लेने का अवसर मिलेगा।
स्वास्थ्य साथी में 1,950 बीमारियां कवर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार के समय स्वास्थ्यसाथी योजना में करीब 1,700 बीमारियों के इलाज को शामिल किया गया था। नई व्यवस्था में इसे बढ़ाकर 1,950 उपचार प्रक्रियाओं और बीमारियों तक किया गया है।
इनमें घुटने और हिप रिप्लेसमेंट जैसी महंगी चिकित्सा प्रक्रियाओं को भी शामिल किया गया है। सरकार का दावा है कि इससे गंभीर बीमारियों के इलाज में आम लोगों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम होगा।
देशभर में इलाज की सुविधा
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्यसाथी और नई योजनाओं के बीच अंतर बताते हुए कहा कि पहले स्वास्थ्यसाथी का लाभ मुख्य रूप से राज्य तक सीमित था। हालांकि, आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत देश के दूसरे हिस्सों में भी सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज की सुविधा मिल सकेगी।
कार्यक्रम में रामकृष्ण मिशन से जुड़े अस्पतालों सहित कई निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े संस्थानों के सुझावों पर भी विचार करने का भरोसा दिया।
100 अमृत फार्मेसी और 467 जनऔषधि केंद्रों के लिए समझौता
कार्यक्रम के दौरान 100 अमृत फार्मेसी और 467 प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्रों को लेकर भी समझौते किए जाने की जानकारी दी गई। सरकार का कहना है कि इससे लोगों को अपेक्षाकृत कम कीमत पर जरूरी दवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया क्यों मनाया जाएगा ‘आयुष्मान दिवस’
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कार्यक्रम के दौरान इस दिन को ‘आयुष्मान दिवस’ के रूप में मनाने की घोषणा की। उन्होंने इस मौके पर इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि 16 अगस्त को ‘द ग्रेट कलकत्ता किलिंग’ की घटना हुई थी और इस दिन पहले ‘खेला होबे दिवस’ मनाया जाता था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब इस दिन को ‘आयुष्मान दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा और राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा।
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