कोलकाता, 25 दिसंबर 2025 : पश्चिम बंगाल विधानसभा का शीतकालीन सत्र, जो आमतौर पर नवंबर-दिसंबर में होता है, इस बार जनवरी 2026 के पहले हाफ में आयोजित होगा।
विधानसभा स्पीकर बिमान बंद्योपाध्याय ने इसकी घोषणा की। सत्र टलने का मुख्य कारण चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया है, जिसमें ज्यादातर विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में व्यस्त हैं।
सत्र टलने की मुख्य वजहें
- SIR का दबाव: ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पर क्लेम्स और ऑब्जेक्शंस की हियरिंग चल रही है, जो जनवरी में लगभग पूरी हो जाएगी।
- क्रिसमस और फेस्टिव सीजन: विधायक अपने क्षेत्रों में जनसंपर्क में व्यस्त।
- सत्र फरवरी 2026 के अंतरिम बजट सत्र से पहले खत्म होना जरूरी है, क्योंकि उसके बाद चुनाव आयोग पोल डेट्स अनाउंस करेगा।
- फाइनल वोटर लिस्ट 14 फरवरी 2026 को पब्लिश होगी, और चुनाव मई-जून 2026 में होने की उम्मीद।
बैकग्राउंड
- आमतौर पर शीतकालीन सत्र नवंबर या दिसंबर में होता है, लेकिन इस बार SIR और फेस्टिवल्स की वजह से देरी।
- विधानसभा की आखिरी मीटिंग सितंबर 2025 में तीन दिन की स्पेशल सेशन थी।
- 2026 चुनाव से पहले यह सत्र महत्वपूर्ण होगा, जहां अंतरिम बजट पर वोट ऑन अकाउंट पास होगा। फुल बजट नई सरकार बनने के बाद।
यह फैसला 2026 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच आया है, जहां SIR प्रक्रिया पहले से ही राजनीतिक विवाद का विषय बनी हुई है। सत्र में क्या मुद्दे उठेंगे – कानून-व्यवस्था, SIR या बजट?

देखना दिलचस्प होगा। आप क्या सोचते हैं – सत्र टलना सही फैसला है या राजनीतिक चाल? कमेंट में बताएं!
ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे कोलकाता हिन्दी न्यूज चैनल पेज को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। एक्स (ट्विटर) पर @hindi_kolkata नाम से सर्च कर, फॉलो करें।



