कोलकाता, 7 फरवरी 2026: पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव एक ही चरण में कराने की संभावना मजबूत हो गई है। राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) कार्यालय ने इस प्रस्ताव के प्रति अपनी सहमति जताई है।
हालांकि, चुनाव कितने चरणों में होंगे, इसका अंतिम निर्णय निर्वाचन आयोग द्वारा लिया जाएगा। CEO कार्यालय के सूत्रों के अनुसार, राज्य में एक चरण में चुनाव कराने में कोई व्यावहारिक दिक्कत नहीं है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “एक चरण में चुनाव कराने में कोई समस्या नहीं है। राज्य में पहले भी एक चरण में चुनाव हो चुके हैं।”

2021 में 8 चरणों पर उठे थे सवाल
उल्लेखनीय है कि 2021 में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 8 चरणों में कराए गए थे, जिसकी व्यापक आलोचना हुई थी। उस समय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने खुद सवाल उठाए थे कि यदि तमिलनाडु में एक चरण में चुनाव हो सकता है, तो बंगाल में 8 चरणों की क्या जरूरत है।
अब आगामी चुनाव पश्चिम बंगाल के साथ तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में होने हैं। ऐसे में चुनाव आयोग सभी राज्यों की सुरक्षा, लॉजिस्टिक्स, कर्मचारियों की उपलब्धता और अन्य पहलुओं पर विचार कर अंतिम फैसला लेगा।
एक चरण में चुनाव के फायदे
- कम समय में चुनाव पूरा होना
- कम संसाधनों का उपयोग
- मतदाताओं और सुरक्षा बलों पर कम बोझ
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोपों में कमी की संभावना
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि चुनाव एक चरण में होते हैं, तो यह TMC और BJP दोनों के लिए नया समीकरण बना सकता है।
2021 के 8 चरणों वाले चुनाव में TMC ने बहुमत हासिल किया था, लेकिन अब बदलाव की संभावना पर सबकी नजरें टिकी हैं।
निर्वाचन आयोग जल्द ही चुनाव की तारीखों और चरणों की घोषणा कर सकता है। क्या बंगाल में इस बार एक चरण में चुनाव होंगे? कमेंट में अपनी राय जरूर बताएं!
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