Bengal Election

पश्चिम बंगाल 2026 विधानसभा चुनाव में चौतरफा मुकाबले के आसार

कोलकाता, 5 जनवरी 2026: अप्रैल-मई 2026 में होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में इस बार चौतरफा मुकाबला होने की पूरी संभावना है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) जहां लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के लिए जीत का चौका लगाना चाहती है,

वहीं भारतीय जनता पार्टी (BJP) राज्य में पहली बार सत्ता हासिल करने को बेताब है। कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि वह अकेले चुनाव लड़ेगी, जिससे वाममोर्चा (CPI(M) सहित) भी अलग-अलग मैदान में उतरेगा। इससे चुनावी समीकरण और रोचक हो गए हैं।

कांग्रेस का बड़ा फैसला 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने स्पष्ट किया: “लोग चाहते हैं कि कांग्रेस अकेले ही चुनाव लड़े। अभी हमारे पास जो ताकत है, उससे हम अकेले जा सकते हैं। हमने पार्टी हाईकमान को अपनी मंशा से अवगत करवा दिया है।”

यह फैसला तब आया है जब पहले उम्मीद थी कि कांग्रेस और वाममोर्चा फिर से गठबंधन करेंगे। 2021 में वाम-कांग्रेस गठबंधन ने एक भी सीट नहीं जीती थी, जबकि TMC ने 215 और BJP ने 77 सीटें हासिल की थीं।

अब अलग-अलग लड़ने से वोटों का बंटवारा TMC और BJP दोनों के लिए फायदेमंद और नुकसानदेह दोनों हो सकता है।

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मुख्य मुकाबला इन चार दलों के बीच

  1. तृणमूल कांग्रेस (TMC) — ममता बनर्जी की अगुवाई में 2011 से सत्ता में। 2021 में 215 सीटें जीतीं। इस बार “ममता दीदी” का चेहरा और विकास-महिला सुरक्षा का मुद्दा।
  2. भारतीय जनता पार्टी (BJP) — 2021 में 77 सीटों के साथ मुख्य विपक्ष। मोदी-शाह की जोड़ी, घुसपैठ, विकास और “परिवर्तन” का नारा।
  3. कांग्रेस — अकेले लड़ने का ऐलान। अल्पसंख्यक और अल्पसंख्यक-समर्थक वोटों पर फोकस।
  4. वाममोर्चा (CPI(M) सहित) — 2021 में जीरो सीट। मजदूर-किसान-युवा मुद्दों पर जोर।

छोटे दल भी गेम-चेंजर बन सकते हैं

  • बहुजन समाज पार्टी (BSP) — मायावती की पार्टी दलित वोटों पर असर डाल सकती है।
  • जनता उन्नयन पार्टी (JUP) — हुमायूं कबीर की पार्टी अल्पसंख्यक वोटों में सेंध लगा सकती है।
  • AIMIM — असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी मुस्लिम-बहुल इलाकों में TMC को चुनौती देगी।
  • Indian Secular Front (ISF) — पीरजादा कासिम की पार्टी भी वोट काट सकती है।

ये छोटे दल जीत भले न पाएं, लेकिन वोटों का बंटवारा कर मुख्य दलों के लिए गणित बदल सकते हैं।

2021 vs 2026 – बदलते समीकरण

  • 2021: TMC अकेले लड़ी → 215 सीटें वाम-कांग्रेस गठबंधन → 0 सीटें BJP → 77 सीटें
  • 2026: TMC अकेले, BJP अकेले, कांग्रेस अकेले, वाम अकेले → वोटों का चार-तरफा बंटवारा। TMC और BJP दोनों को नुकसान या फायदा – यह क्षेत्रीय स्तर पर निर्भर करेगा।

राजनीतिक विश्लेषकों की राय

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चौतरफा मुकाबले की स्थिति में टीएमसी को सत्ता विरोधी लहर से निपटना होगा, भाजपा को 2021 के प्रदर्शन को आगे बढ़ाना होगा, कांग्रेस और वाममोर्चा के लिए यह अस्तित्व बचाने की लड़ाई होगी।

  • TMC: “ममता दीदी” का चेहरा और महिला-विकास का एजेंडा।
  • BJP: घुसपैठ, SIR, विकास और “परिवर्तन” का मुद्दा।
  • कांग्रेस-वाम: अलग-अलग लड़ाई से वोट बंटवारा TMC के फायदे में जा सकता है, लेकिन अल्पसंख्यक-मजदूर वोटों में सेंध लगाने की कोशिश।

यह चुनाव बंगाल की राजनीति में नया अध्याय लिख सकता है। चारों बड़े दल मैदान में हैं – अब देखना है कि जनता किसे चुनती है।

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