वाराणसी। ज्योतिर्विद रत्न वास्तु दैवज्ञ पंडित मनोज कृष्ण शास्त्री जी ने बताया कि राहु को प्रसन्न करने के लिए निम्नलिखित उपाय करने चाहिए।
📍राहु बीज मंत्र
ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः।
📍 राहु बीज मंत्र के जाप के लाभ :
📌 राहु बीज मंत्र का जाप न केवल आपके पूर्व कर्मों के दोषों को समाप्त करता है, बल्कि अगर उसकी वजह से आपको इस जन्म में कष्ट भुगतना पड़ रहा है, तो उसमें भी आपको राहत मिलती है।
📌 राहु बीज मंत्र मानसिक शांति प्रदान करता है और राहु से उत्पन्न भ्रम, चिंता, और भय को शांत करता है।
📌 यह मंत्र रहस्यमयी बाधाओं से मुक्ति, अचानक आई परेशानियाँ, असफलताएँ, कोर्ट-कचहरी जैसे मामलों में राहत प्रदान करता है।
📌 राहु बीज मंत्र का जाप राहु दोष से मुक्ति, जैसे कि कुंडली में राहु दोष, कालसर्प दोष, या ग्रहण योग के प्रभाव को कम करता है।

📌 यह मंत्र ध्यान और एकाग्रता में वृद्धि करता है। राहु मानसिक भ्रम का कारक होता है। यह मंत्र उस पर नियंत्रण देता है।
📌 राहु बीज मंत्र के प्रभाव से रुके हुए कार्यों में प्रगति होती है।
📌 यह मंत्र विदेश यात्रा और तकनीकी क्षेत्रों में सफलता, वैज्ञानिक खोज, मीडिया आदि में भी सफलता देता है।
📍मंत्र जाप की विधि :
📌 राहुकाल के समय या शनिवार/ बुधवार को एक शांत और एकांत स्थान चुनें। फिर दक्षिण पश्चिम दिशा की ओर मुख करके बैठें। जाप के लिए काले चंदन या रुद्राक्ष की माला का प्रयोग करें। अब कम से कम 108 बार राहु मंत्र जाप करें। यदि राहु दोष अधिक है, तो 40 दिन तक प्रतिदिन 108 बार जाप करें।
📌 जाप करते समय राहु की छाया को शांत करने की भावना रखें। राहु यंत्र या राहु की प्रतीकात्मक मूर्ति सामने रखें तो अच्छा है। राहु से संबंधित पूजा में अनुशासन और संयम जरूरी है। शराब, मांस और असंयमित जीवनशैली से बचें।
📍 राहु से जुड़े अन्य मंत्र
ॐ राहवे नमः
ॐ नमो भगवते राहवे
राहु गायत्री मंत्र
“ॐ नागध्वजाय विद्महे पद्महस्ताय धीमहि तन्नो राहुः प्रचोदयात्”
ज्योतिर्विद रत्न वास्तु दैवज्ञ
पंडित मनोज कृष्ण शास्त्री
मो. 99938 74848

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