कोलकाता। देश की तीनों सेनाओं सेना, नौसेना और वायु सेना के लिए केंद्र सरकार की नई ‘अग्निपथ योजना’ की विरोध की लहर अब पश्चिम बंगाल तक पहुंच गई है। शुक्रवार राज्य के कई जिलों में युवाओं ने रैली निकाली और कई जगहों पर ट्रेनों की आवाजाही भी रोकी। राहत की बात है कि राज्य में अभी तक कहीं भी पथराव या आग लगाने जैसी किसी हिंसक घटना की कोई खबर नहीं है और न ही कोई घायल हुआ है।

उत्तर 24 परगना के ठाकुरनगर में प्रदर्शनकारियों ने एक घंटे से अधिक समय तक रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया। कुछ युवकों ने ठाकुरनगर में केंद्रीय बंदरगाह और जहाजरानी राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर के घर के बाहर भी विरोध प्रदर्शन किया। पूर्वी रेलवे के प्रवक्ता ने कहा कि रेलवे लाइनें सुबह लगभग 8 बजे से सुबह 9:15 बजे तक अवरुद्ध रहीं। सियालदह बोंगांव खंड में सेवाएं बाधित रहीं।

कोलकाता के बाद राज्य के दूसरे सबसे महत्वपूर्ण शहर सिलीगुड़ी में आसपास जिलों के कुछ सौ युवाओं ने शहर के बीचों-बीच वीनस क्रॉसिंग पर एक रैली निकाली। रैली निकालने वाले युवा पहले सालूगाड़ा में इकट्ठे हुए और सेवक रोड की ओर से शहर में कूच किए। रास्ता रोकने के लिए बीच सड़क पर टायरों में आग लगा दी। हालांकि, पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर किया, लेकिन किसी को गिरफ्तार नहीं किया।

वहीं, पुरुलिया जिले में विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने जिले में बराकर रोड जाम कर दिया था। जिसके बाद पुलिस को प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए हल्का लाठीचार्ज भी करना पड़ा। हावड़ा से भी विरोध प्रदर्शन की खबरें आईं जहां युवाओं ने हावड़ा और कोलकाता को जोड़ने वाले हावड़ा ब्रिज पर आवाजाही को अवरुद्ध करने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस ने पुल पर बैठकर प्रदर्शन का प्रयास करने वाले युवाओं को तितर-बितर कर दिया।

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