कोलकाता। पश्चिम बंगाल के शांति निकेतन स्थित केंद्रीय विश्वविद्यालय विश्व भारती के रजिस्ट्रार ने छात्रों के विरोध के इस्तीफा दे दिया है। विश्वविद्यालय के प्रवक्ता ने मंगलवार को यह जानकारी दी। विश्व भारती के छात्रों का एक वर्ग 28 फरवरी से हॉस्टलों को फिर से खोलने सहित तीन मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहा है। विश्वविद्यालय के प्रवक्ता अतीग घोष ने मीडिया से बात करते हुए कहा ‘आशीष अग्रवाल ने मुझसे मीडिया को सूचित करने का अनुरोध किया है कि वह अब विश्व भारती के रजिस्ट्रार नहीं हैं। उन्होंने पद छोड़ दिया है और इसलिए वह मीडिया का सामना नहीं करेंगे।

एक प्रदर्शनकारी छात्र ने कहा विश्व भारती में 3 फरवरी से फिजिकल कक्षाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, हॉस्टल अभी बंद हैं। जिसकी वजह से कई छात्रों को क्लास अटेंड करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 1921 में बीरभूम जिले के बोलपुर शहर के शांतिनिकेतन में रवींद्रनाथ टैगोर की ओर से स्थापित, विश्व-भारती पश्चिम बंगाल का एकमात्र केंद्रीय विश्वविद्यालय है और प्रधानमंत्री इसके चांसलर हैं।

कुछ छात्रों ने एक मार्च को 24 घंटे से अधिक समय तक अग्रवाल का घेराव किया था, हालांकि, रजिस्ट्रार ने वहां से निकलने की कोशिश की लेकिन उन्हें रोक दिया गया था। इससे पहले भी केंद्रीय विश्वविद्यालय छात्रों के विरोध प्रदर्शन से हिल चुका है। 2021 में अधिकारियों द्वारा अनुशासनात्मक आधार पर निष्कासित किए जाने के बाद छात्रों को आंदोलन करके कुलपति का घेराव किया था। अंत में कोलकाता हाई कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद गतिरोध खत्म हुआ है।

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