नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम ने अपना पहला टेस्ट 1932 में इंग्लैंड के खिलाफ खेला था। पहली जीत दर्ज करने में टीम इंडिया को 20 साल का समय लगा। 1952 में भारत को अपनी पहली टेस्ट विजय मिली थी। यह जीत इंग्लैंड के खिलाफ ही मिली और इसके हीरो थे वीनू मांकड़, जिन्हें भारतीय क्रिकेट इतिहास का महानतम ऑलराउंडर माना जाता है।
लगातार 20 साल टेस्ट क्रिकेट में सिर्फ हार का मुंह देखने वाली भारतीय क्रिकेट टीम 1952 में जब इंग्लैंड के खिलाफ चेन्नई में उतरी, तो टीम के हौसले बुलंद थे। इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया और पहली पारी में 266 पर सिमट गई। वीनू मांकड़ ने 8 विकेट झटके थे।
📅 वर्ष: 1952 🏟️ स्थान: चेन्नई 🆚 विरोधी टीम: इंग्लैंड 📈 मैच का परिणाम: भारत ने पारी और 8 रन से जीत दर्ज की
🔥 मांकड़ का प्रदर्शन:
- पहली पारी में 8 विकेट
- दूसरी पारी में 4 विकेट
- कुल 12 विकेट — भारत की पहली टेस्ट जीत में निर्णायक भूमिका
भारतीय टीम ने पहली पारी में 9 विकेट पर 457 रन बनाकर पारी घोषित की। भारतीय टीम को 191 रन की बढ़त मिली थी।
दूसरी पारी में इंग्लैंड महज 183 रन पर सिमट गई। वीनू मांकड़ ने 4 विकेट लिए थे। भारत पारी और 8 रन से मैच जीता। मैच में वीनू मांकड़ ने कुल 12 विकेट लेकर देश के टेस्ट क्रिकेट में पहली जीत की स्वर्णिम कहानी लिखी।
वीनू मांकड़ का जन्म 12 अप्रैल 1917 को जामनगर, गुजरात में हुआ था। उनका पूरा नाम मुलवंतराय हिम्मतलाल ‘वीनू’ मांकड़ था। जून 1946 में उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ अपना पहला टेस्ट खेला। वीनू मांकड़ दाएं हाथ के बल्लेबाज और बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज थे।
मांकड़ के आंकड़े उन्हें टेस्ट क्रिकेट इतिहास के महानतम ऑलराउंडर्स में शुमार करते हैं। टेस्ट में मौजूदा शीर्ष ऑलराउंडर भारत के रवींद्र जडेजा और इंग्लैंड के बेन स्टोक्स को माना जाता है। लेकिन, मांकड़ के आंकड़े उन्हें समय से बहुत आगे ले जाते हैं।
📊 वीनू मांकड़ के करियर के आंकड़े:
| श्रेणी | आंकड़े |
|---|---|
| टेस्ट मैच | 44 |
| रन | 2,109 (5 शतक, 6 अर्धशतक) |
| सर्वाधिक स्कोर | 231 |
| विकेट | 162 |
| 5 विकेट हॉल | 8 बार |
| प्रथम श्रेणी रन | 11,591 (26 शतक) |
| प्रथम श्रेणी विकेट | 782 |
| बल्लेबाजी क्रम | 1 से 11 तक सभी स्थानों पर बल्लेबाजी की |
मांकड़ ने 1946 से 1959 के बीच भारत के लिए 44 टेस्ट खेले। 72 पारियों में 5 शतक और 6 अर्धशतक लगाते हुए 2,109 रन बनाए। सर्वाधिक स्कोर 231 रन रहा। इसके अलावा, 70 पारियों में गेंदबाजी करते हुए 162 विकेट उन्होंने झटके। इस दौरान पारी में 8 बार उन्होंने 5 विकेट लेने की उपलब्धि हासिल की।
इसके अलावा 233 प्रथम श्रेणी मैचों में 26 शतक लगाते हुए 11,591 रन बनाने के साथ-साथ उन्होंने 782 विकेट लिए।
वीनू मांकड़ भारत के एकमात्र ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने एक से लेकर ग्यारह नंबर तक बल्लेबाजी की है। भारत के लिए रवि शास्त्री और फारूख इंजीनियर ने भी 1 से 10 नंबर तक बल्लेबाजी की है, लेकिन 11 नंबर तक सिर्फ मांकड़ ने ही बल्लेबाजी की है।
- 🧠 मांकड़िंग का जनक
1947 में ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज़ बिल ब्राउन को रनआउट कर मांकड़ ने एक नया विवादास्पद नियम जन्म दिया — जिसे बाद में “मांकड़िंग” कहा गया। ICC ने अब इस नियम को समाप्त कर दिया है।
1947 में वीनू ने ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज बिल ब्राउन को रनआउट कर दिया था। वीनू बॉलिंग कर रहे थे, जैसे ही ब्राउन क्रीज से बाहर निकले, वीनू ने उन्हें रनआउट कर दिया। हालांकि, वीनू ने ब्राउन को रनआउट करने से पहले चेतावनी दी थी।
मांकड़ के बेटे अशोक मांकड़ ने भी भारत के लिए 22 टेस्ट और 1 वनडे खेला। वहीं, उनके बेटे अतुल मांकड़ और राहुल मांकड़ भी प्रथम श्रेणी क्रिकेटर रहे हैं।
21 अगस्त 1978 को उनका महज 61 साल की उम्र में निधन हो गया था। भारत सरकार ने 1973 में उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया था। वीनू मांकड़ के नाम पर बीसीसीआई राष्ट्रीय स्तर का अंडर-19 आयु वर्ग का एक दिवसीय क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन करती है।
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