कोलकाता, 8 जनवरी 2026: अंतरराष्ट्रीय क्षत्रिय वीरांगना महासभा पश्चिम बंगाल ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। राज्य के महान व्यक्तियों की स्मृति में प्रतिवर्ष 5 बंगाल विभूति सम्मान दिए जाएंगे। यह फैसला इको पार्क में आयोजित महासभा की बैठक में लिया गया।
सम्मान में स्त्री-पुरुष दोनों का समावेश होगा और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया जाएगा।
‘सम्मान को महान विरासत से जोड़ना जरूरी’ — प्रतिभा सिंह
बैठक के बाद जानकारी देते हुए प्रतिभा सिंह ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य सिर्फ सम्मान देना नहीं, बल्कि उसे राज्य की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है।

उन्होंने कहा, “सम्मान को महान विरासत से जोड़ना इसलिए आवश्यक है, ताकि सम्मान पाने वाले यह महसूस करें कि उन पर आगे और उत्कृष्ट कार्य करने की जिम्मेदारी है। उन्हें भी आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनना होगा।”
बैठक में एक बंकिम स्मृति बंगाल विभूति सम्मान की स्थापना की गई है, जो ऋषि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की स्मृति में दिया जाएगा। अन्य चार सम्मान भी राज्य की महान हस्तियों के नाम पर होंगे।
बैठक में मौजूद प्रमुख सदस्य
- प्रदेश महासचिव: प्रतिमा सिंह
- उपाध्यक्ष: रीता सिंह
- कोषाध्यक्ष: पूजा सिंह
- सचिव: किरण सिंह
- संगठन सचिव: सुमन सिंह
- कार्यकारिणी सदस्य: कांति सिंह, बबिता सिंह
- बालीगंज इकाई अध्यक्ष: रीता सिंह
- काशीपुर इकाई संरक्षक: गीता सिंह, अध्यक्ष: मीनू सिंह
- सोदपुर इकाई अध्यक्ष: सुनीता सिंह, महासचिव: आशा सिंह
- नारी शक्ति सदस्य: इंदु पाण्डेय, रंजना त्रिपाठी
सम्मान का उद्देश्य
यह पहल बंगाल की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को जीवित रखने और नए पीढ़ी को प्रेरित करने के लिए शुरू की गई है। महासभा ने कहा कि सम्मान पाने वाले व्यक्ति न केवल अपनी उपलब्धियों के लिए जाने जाएंगे, बल्कि वे समाज के लिए प्रेरणा स्रोत भी बनेंगे।
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