खड़गपुर ब्यूरो | 01 अगस्त 2026: गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर टॉली क्लब केवल एक पुस्तक विमोचन का मंच नहीं बना, बल्कि महिला स्वास्थ्य, मातृत्व और आधुनिक प्रजनन विज्ञान पर गंभीर संवाद का केंद्र भी बन गया।
प्रसिद्ध प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ तथा आईवीएफ विशेषज्ञ डॉ. बाणी कुमार मित्र की नई पुस्तक ‘उड़ता यूटेरस’ का लोकार्पण साहित्य, चिकित्सा और संस्कृति जगत की प्रतिष्ठित हस्तियों की मौजूदगी में हुआ।
पुस्तक विमोचन और संवाद
दीप प्रकाशन से प्रकाशित इस पुस्तक के विमोचन समारोह की सबसे खास बात रही चर्चित लेखिका देबारती मुखोपाध्याय और डॉ. मित्र के बीच हुई विचारोत्तेजक बातचीत। दोनों ने महिला शरीर से जुड़े मिथकों, बांझपन, मातृत्व, आधुनिक आईवीएफ तकनीक और समाज की सोच पर खुलकर चर्चा की।
यह संवाद केवल चिकित्सा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि महिलाओं के मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक संघर्षों को भी सामने लेकर आया।
प्रमुख उपस्थिति
समारोह में पश्चिम बंगाल के खेल मंत्री डॉ. इंद्रनील खान, वरिष्ठ अभिनेत्री माधवी मुखर्जी, अभिनेत्री गार्गी रायचौधुरी, डॉ. कंकन दास मित्र सहित साहित्य, संस्कृति और चिकित्सा जगत की अनेक जानी-मानी हस्तियां उपस्थित रहीं।
सभी ने इस पुस्तक को समय की जरूरत बताते हुए कहा कि महिला स्वास्थ्य को लेकर वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना आज पहले से कहीं अधिक आवश्यक है।
पुस्तक की विषयवस्तु
पुस्तक का शीर्षक भले ही रोचक लगे, लेकिन इसकी विषयवस्तु बेहद गंभीर है। ‘उड़ता यूटेरस’ प्राचीन चिकित्सा विज्ञान में प्रचलित ‘वांडरिंग यूटेरस’ (भ्रमणशील गर्भाशय) और हिस्टीरिया जैसी अवधारणाओं से शुरुआत करती है और फिर आधुनिक प्रजनन चिकित्सा, बांझपन,
आईवीएफ, सामाजिक पूर्वाग्रह, पारिवारिक दबाव तथा महिलाओं की मानसिक पीड़ा जैसे विषयों पर वैज्ञानिक तथ्यों के साथ प्रकाश डालती है। सरल भाषा में लिखी गई यह पुस्तक चिकित्सा विज्ञान और सामाजिक यथार्थ के बीच एक सशक्त सेतु का काम करती है।
लेखक परिचय
डॉ. बाणी कुमार मित्र कोलकाता के जाने-माने प्रसूति एवं स्त्री रोग तथा आईवीएफ विशेषज्ञ हैं। वे सरसुना और बेहाला स्थित आभा सर्जरी सेंटर में मुख्य सलाहकार के रूप में लंबे समय से प्रजनन स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्यरत हैं।
वहीं, देबारती मुखोपाध्याय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान रखने वाली साहित्यकार हैं और बंगाली साहित्य की पहली लेखिका हैं जिन्हें TED Talks में वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया।
विशेषज्ञों की राय
समारोह में मौजूद विशेषज्ञों का मानना था कि ‘उड़ता यूटेरस’ केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि महिला स्वास्थ्य को लेकर फैली भ्रांतियों को तोड़ने, वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने और समाज में संवेदनशील संवाद शुरू करने की एक गंभीर पहल है।
चिकित्सा से जुड़े लोगों के साथ-साथ आम पाठकों के लिए भी यह पुस्तक समान रूप से उपयोगी और विचारोत्तेजक साबित होगी।
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