कोलकाता | 11 सितंबर 2025 — पश्चिम बंगाल के प्रसिद्ध अलीपुर चिड़ियाघर में बीते 24 घंटे के भीतर दो बाघिनों की अचानक मौत ने वन्यजीव संरक्षण और प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चिड़ियाघर प्रशासन और राज्य वन विभाग इस घटना को लेकर सकते में है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने पांच सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है, जिसे सात दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
📍 घटना का विवरण
मंगलवार सुबह अलीपुर चिड़ियाघर की बाघिन ‘संध्या’ की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसे उल्टी और सुस्ती की शिकायत हुई, जिसके बाद उसे चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया। कुछ ही घंटों में उसकी मौत हो गई। इसके ठीक 24 घंटे बाद बुधवार तड़के दूसरी बाघिन ‘नैना’ की भी इसी प्रकार की हालत बिगड़ी और उसकी भी मृत्यु हो गई।
दोनों बाघिनें चिड़ियाघर में स्वस्थ और सक्रिय मानी जा रही थीं। उनकी मौत के बाद पशु चिकित्सकों ने तत्काल पोस्टमॉर्टम कराया, जिसमें आंतों में सूजन और संभावित विषाक्तता के संकेत मिले हैं। इससे भोजन या पानी में किसी प्रकार की गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है।

🕵️♀️ जांच समिति का गठन
वन विभाग ने इस घटना की जांच के लिए एक पांच सदस्यीय समिति गठित की है, जिसमें शामिल हैं:
- पशु चिकित्सा विशेषज्ञ
- वन्यजीव प्रबंधन अधिकारी
- जूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के प्रतिनिधि
- कोलकाता विश्वविद्यालय के जीवविज्ञान विभाग के प्रोफेसर
- एक स्वतंत्र वन्यजीव संरक्षण कार्यकर्ता
समिति को निर्देश दिया गया है कि वह भोजन की गुणवत्ता, दवा की मात्रा, पानी की शुद्धता, और मानव लापरवाही जैसे सभी पहलुओं की जांच करे।
🗣️ प्रशासन की प्रतिक्रिया
वन विभाग के प्रधान सचिव ने कहा:
“यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। हम हर पहलू की जांच करेंगे — चाहे वह भोजन की आपूर्ति हो, दवा की मात्रा हो या मानव लापरवाही। वन्यजीवों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है।”
चिड़ियाघर प्रशासन ने फिलहाल बाघों के बाड़ों की निगरानी बढ़ा दी है, और अन्य जानवरों की स्वास्थ्य जांच भी शुरू कर दी गई है।
🧠 विशेषज्ञों की चिंता
वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि बाघ जैसे संवेदनशील और संरक्षित प्रजातियों की अचानक मौत न केवल जैव विविधता के लिए खतरा है, बल्कि यह प्रबंधन की पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी सवाल उठाती है। उन्होंने मांग की है कि जांच रिपोर्ट सार्वजनिक रूप से जारी की जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।
📌 निष्कर्ष
अलीपुर चिड़ियाघर में दो बाघिनों की रहस्यमयी मौत ने वन्यजीव संरक्षण की व्यवस्था को झकझोर दिया है। जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मौत का कारण प्राकृतिक था या मानवीय लापरवाही। फिलहाल चिड़ियाघर में सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी गई है, और राज्य भर में वन्यजीवों की देखरेख को लेकर नई गाइडलाइंस जारी करने की तैयारी है।
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