कोलकाता न्यूज़ डेस्क | 28 फरवरी 2026: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर इजरायल के साथ मिलकर की गई कार्रवाई का मकसद वर्तमान सरकार को गिराना और आम ईरानियों को सत्ता पर काबिज होने की छूट देना बताया।
ट्रंप ने हमलों की पुष्टि करते हुए आठ मिनट का वीडियो बयान जारी किया।
ईरान की सेनाओं से हथियार डालने की अपील
ट्रंप ने कहा कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के सदस्यों, सैन्य बलों और सभी पुलिस कर्मियों से हथियार डाल दें और खुद को बचा लें।

उन्होंने दावा किया कि ईरान में अमेरिका का सैन्य ऑपरेशन बहुत बड़ा है और अभी भी चल रहा है।
अमेरिका की सुरक्षा का दावा
ट्रंप ने कहा कि इस कार्रवाई का मकसद अमेरिका और उसके लोगों को खतरे से बचाना है। अमेरिकी सेना ईरान की मिसाइलों को तबाह करने और मिसाइल प्रोग्राम को खत्म करने की कोशिश कर रही है।
परमाणु ठिकानों पर हमले का जिक्र
ट्रंप ने कहा कि जून में ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले के बाद भी ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा था।
उन्होंने कहा कि ईरान ने परमाणु कार्यक्रम छोड़ने के विकल्प पर विचार नहीं किया।
अमेरिकी सैनिकों की मौत की संभावना
ट्रंप ने कहा कि ईरान में चल रही सैन्य कार्रवाई के दौरान कुछ अमेरिकी सैनिकों की जान जा सकती है।
उन्होंने कहा कि युद्ध में यह नुकसान हो सकता है, लेकिन यह कदम भविष्य की सुरक्षा के लिए उठाया जा रहा है।
ईरानी जनता से अपील
ट्रंप ने ईरानी जनता से कहा कि ईरान के महान लोगों, आपकी आजादी का समय आ गया है। घर से बाहर न निकलें, बाहर खतरा है।
जब हमारा काम हो जाएगा, तो अपनी सरकार पर कब्जा कर लीजिएगा। यह शायद पीढ़ियों के लिए आपका एकमात्र मौका होगा।
ईरान से लंबे समय से मदद की अपील
ट्रंप ने कहा कि कई सालों से ईरान ने अमेरिका से मदद मांगी है, लेकिन नहीं मिली। अब अमेरिका पूरी ताकत से साथ दे रहा है। उन्होंने कहा कि देखते हैं ईरान कैसे जवाब देता है।
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