खड़गपुर। 27 फरवरी को आए भूकंप के झटकों और स्वादिघी खाल के सुधार कार्य के प्रभाव से पूर्व मेदिनीपुर जिला मुख्यालय तमलुक थाना क्षेत्र के रामतारक ग्राम अंतर्गत महाश्वेता बाजार में सड़क किनारे स्थित लगभग 40 दुकानों की दीवारों और नींव में गंभीर दरारें पड़ गई हैं। दरारें लगातार बढ़ने से दुकानदारों में दहशत का माहौल है और कई दुकानदार अपनी दुकानें खाली करने को मजबूर हो गए हैं।
घटना का क्रम इस प्रकार बताया जा रहा है – 27 फरवरी को क्षेत्र में भूकंप के झटके महसूस किए गए। इसके अगले दिन, 28 फरवरी को सड़क से सटी करीब 15–20 दुकानों के ढलाई (फाउंडेशन) हिस्से में छोटी-छोटी दरारें दिखाई दीं।
1 मार्च से इन दरारों का आकार बढ़ने लगा और वे गहरी व चौड़ी होती चली गईं, जिससे क्षतिग्रस्त दुकानों की संख्या तेजी से बढ़ती गई। अब तक कुल लगभग 40 दुकानें प्रभावित हो चुकी हैं।
उल्लेखनीय है कि ये दुकानें कोलाघाट और शहीद मातंगिनी विकासखंड के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण स्वादिघी निकासी खाल के तट पर स्थित हैं। वर्ष 2024 की विनाशकारी बाढ़ के बाद सिंचाई विभाग ने खाल के सुधार का कार्य शुरू किया था। स्थानीय लोगों के अनुसार, कार्य शुरू होने के कुछ समय बाद ही यह समस्या सामने आई है, हालांकि खाल कटाई के मूल डिजाइन में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
शहीद मातंगिनी ब्लॉक के बीडीओ ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। उनके निर्देश पर प्रभावित सड़क खंड पर भारी वाहनों, ट्रकों और मशीनरी वाहनों का आवागमन अस्थायी रूप से पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। इससे स्थानीय व्यापार प्रभावित हुआ है, लेकिन सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है।
पूर्व मेदिनीपुर जिला बाढ़-भांगन प्रतिरोध समिति के संयुक्त सचिव नारायण चंद्र नायक ने कहा – “स्वादिघी खाल कोलाघाट, शहीद मातंगिनी और पाँशकुड़ा ब्लॉक की 100 से अधिक मौजाओं के लिए प्रमुख जल-निकास मार्ग है। लंबे समय से इसके पूर्ण सुधार की मांग की जा रही थी।
भूकंप के प्रभाव से दुकानें धंसने लगी हैं। खालपाड़ की इस महत्वपूर्ण सड़क को बचाने के लिए भारी वाहनों पर रोक लगाने के साथ ही प्रभावित दुकानों को सुरक्षित स्थान पर अस्थायी रूप से स्थानांतरित कर मजबूत पाइलिंग कार्य तत्काल शुरू किया जाना चाहिए।”
स्थानीय लोगों ने सिंचाई विभाग, जिला प्रशासन और भू-तकनीकी विशेषज्ञों से त्वरित जांच कर क्षतिग्रस्त संरचनाओं को मजबूत करने तथा स्थाई समाधान निकालने की मांग की है, ताकि किसी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि विशेषज्ञों की टीम जल्द ही जांच कर आवश्यक कदम उठाएगी।
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