झालावाड़। राज्य के झालावाड़ जिले के मनोहरथाना क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां पीपलोदी गांव स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय की जर्जर छत भरभराकर ढह गई। इस भयावह हादसे में अब तक 4 बच्चों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 10 छात्र गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
बताया जा रहा है कि हादसे के समय कक्षा में 50 से ज्यादा बच्चे मौजूद थे। अचानक छत गिरने से पूरा परिसर चीख-पुकार से गूंज उठा। स्थानीय ग्रामीण, शिक्षक और अभिभावक तुरंत राहत कार्य में जुट गए।
कुछ बच्चों को निजी वाहनों से नजदीकी सीएचसी अस्पताल पहुंचाया गया, वहीं गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए रेफर किया जा रहा है।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, बीते कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश के चलते स्कूल भवन की पहले से कमजोर हो चुकी छत गिर गई। पीपलोदी गांव के सरकारी स्कूल का यह भवन काफी पुराना था और लंबे समय से मरम्मत की दरकार थी।
जैसे ही हादसे की जानकारी मिली, प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। मलबा हटाने के लिए जेसीबी मशीनें बुलाई गईं हैं और राहत व बचाव कार्य जारी है। राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने जिलाधिकारी से बात कर मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया पर शोक जताते हुए लिखा, “झालावाड़ के मनोहरथाना में सरकारी स्कूल की छत गिरने से बच्चों और शिक्षकों के हताहत होने की सूचना अत्यंत दुःखद है। ईश्वर से प्रार्थना है कि जनहानि न्यूनतम हो और घायल शीघ्र स्वस्थ हों।”
यह हादसा राज्य की सरकारी स्कूलों की जर्जर इमारतों और लचर निरीक्षण प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
स्थानीय लोगों की मांग है कि ऐसी घटनाओं से सबक लेते हुए सरकार को स्कूल भवनों की स्थिति की तुरंत जांच करनी चाहिए ताकि भविष्य में मासूम बच्चों की जान जोखिम में न पड़े।
फिलहाल स्कूल परिसर में सन्नाटा पसरा है, और पूरा गांव गहरे शोक में डूबा है। कई परिवारों के सपनों पर मलबा गिर चुका है, जिनकी भरपाई शायद ही कभी हो सके।
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