IMG 20250906 WA0020

खग्रास चंद्रग्रहण : 07 सितंबर रविवार सन 2025 ई. भाद्रपद पूर्णिमा पर घटित होगा

वाराणसी। भाद्रपद पूर्णिमा का श्राद्ध 07 सितंबर दोपहर 12 बजकर 50 मिनट से पहले कर लें। जिन भक्तों ने भाद्रपद पूर्णिमा का व्रत रखा है, वे पूजन एवं चंद्रमा का पूजन भी दोपहर 12:50 बजे से पहले ही कर लें।

चंद्रग्रहण का राशियों पर कैसा पड़ेगा प्रभाव जानिए : आगामी 07 एवं 08 सितंबर की मध्य रात्रि को भाद्रपद पूर्णिमा पर लगने वाला यह खग्रास चंद्रग्रहण पूरे भारत में दृश्यमान होगा। इस अवसर पर पंडित मनोज कृष्ण शास्त्री ने बताया कि यह चंद्रग्रहण 07 सितम्बर की रात्रि 09:56 बजे प्रारंभ होकर देर रात 01:27 बजे समाप्त होगा।

यह ग्रहण पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र एवं कुंभ राशि में घटित होगा तथा भारत सहित एशिया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड, पश्चिमी उत्तरी अमेरिका, फिजी एवं अंटार्कटिका के कुछ भागों में भी देखा जा सकेगा।

ग्रहण का समय (भारतीय मानक समयानुसार) :
ग्रहण स्पर्श (प्रारंभ) – रात्रि 09:56 बजे
खग्रास प्रारंभ – रात्रि 11:01 बजे
ग्रहण मध्य – रात्रि 11:42 बजे
खग्रास समाप्त – रात्रि 12:23 बजे
ग्रहण मोक्ष (समाप्ति) – रात्रि 01:27 बजे

सूतक काल : ग्रहण का सूतक काल लगभग 9 घंटे पूर्व से मान्य होगा। अतः यह 7 सितंबर रविवार को दोपहर 12:56 बजे से प्रारंभ हो जाएगा।

ग्रहण का सामान्य प्रभाव : ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह ग्रहण पर्वतीय क्षेत्रों, पश्चिमी प्रांतों में रहने वाले, पशुपालकों, असामाजिक प्रवृत्ति वाले लोगों तथा कला और संगीत से जुड़े व्यक्तियों के लिए कष्टकारी रहेगा। वहीं कुछ व्यवसाय एवं राशियों पर इसका शुभ फल भी प्राप्त होगा।

ग्रहण का राशियों पर प्रभाव :-
मेष : धन लाभ एवं उन्नति।
वृष : रोग, धन हानि एवं संकट।
मिथुन : संतान संबंधी गुप्त चिंता।
कर्क : शत्रु भय, व्यय वृद्धि, साधारण लाभ।
सिंह : वैवाहिक जीवन में तनाव।
कन्या : रोग एवं गुप्त चिंता।
तुला : अधिक खर्च एवं कार्य में विलंब।
वृश्चिक : कार्य सिद्धि एवं लाभ।
धनु : धन लाभ एवं उन्नति।
मकर : धन हानि एवं मानसिक अशांति।
कुंभ : दुर्घटना, शारीरिक कष्ट एवं शत्रुता।
मीन : धन हानि एवं भय।

यह भी पढ़ें:  घड़ी के वास्तु नियम : कहीं घड़ी तो नहीं बन रही है आपके दुर्भाग्य का कारण, दूर करने के लिए आज ही करें ये महाउपाय

ग्रहण के दौरान सावधानियाँ : पंडित मनोज कृष्ण शास्त्री जी ने बताया कि ग्रहणकाल एवं सूतक काल में गर्भवती महिलाओं को विशेष सतर्कता रखनी चाहिए। इस समय नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव गर्भस्थ शिशु पर हानिकारक हो सकता है।
गर्भवती महिलाएं अपने पास नारियल रखें।
शरीर पर तेल न लगाएँ, बाल न बाँधें, दाँत साफ न करें।

ग्रहण काल में भोजन, पकाना, सोना, सिलाई-बुनाई, नाखून-बाल काटना वर्जित है।
किसी भी प्रकार का पाप कर्म न करें और अपने इष्टदेव का ध्यान, मंत्रजप एवं भजन करें।
ग्रहण के समय पानी, दूध, दही, अचार आदि में कुशा या तुलसी पत्ती डालने से वे दूषित नहीं होते।

ग्रहण के समय दान का महत्व :
ग्रहण मोक्ष के पश्चात स्नान, जप, हवन, पूजन एवं दान का विशेष महत्व है।
सोलह प्रकार के दान – अन्न, जल, वस्त्र, फल, दूध, मीठा, चांदी, घी, तिल, गुड़ आदि अवश्य करना चाहिए।

राशिनुसार दान :-
मेष : गुड़, तिल, तांबा, दही।
वृष : सफेद वस्त्र, चांदी, तिल।
मिथुन : मूंग दाल, चावल, पीला वस्त्र, गुड़, कंबल।
कर्क : चांदी, चावल, सफेद वस्त्र, तिल।
सिंह : तांबा, गुड़, गेहूं, घी, सोना, मोती।
कन्या : चावल, मूंग, हरे वस्त्र।
तुला : हीरा, चीनी, गुड़, कंबल, सप्तधान्य।
वृश्चिक : मूंगा, लाल वस्त्र, दही, तिल।
धनु : वस्त्र, चावल, गुड़, तिल, पीले वस्त्र।
मकर : गुड़, कंबल, तिल।
कुंभ : काले वस्त्र, उड़द, खिचड़ी, कंबल, तिल।
मीन : रेशमी वस्त्र, चना दाल, चावल, तिल।

यह भी पढ़ें:  हरीशयनी एकादशी 17 जुलाई बुधवार

धार्मिक महत्त्व : वेदों में वर्णित है –
“पुत्रजन्यनि यज्ञेश च तथा सङ्क्रमणे रवे।
राहोश्च दर्शने कार्यं प्रशस्तं नान्यथा निशि।।” – वशिष्ठ
अर्थात् – पुत्रोत्पत्ति, यज्ञ, सूर्य संक्रांति तथा सूर्य-चंद्र ग्रहण में रात्रि स्नान भी अत्यंत पुण्यकारी होता है।

इस प्रकार भाद्रपद पूर्णिमा की रात्रि को घटित यह चंद्रग्रहण स्नान, दान और जप-तप के लिए अत्यधिक शुभ एवं कल्याणकारी रहेगा।

भाद्रपद पूर्णिमा का श्राद्ध दोपहर 12 बजकर 50 मिनट से पहले कर लें। जिन भक्तों ने भाद्रपद पूर्णिमा का व्रत रखा है, वे पूजन एवं चंद्रमा का पूजन भी दोपहर 12:50 बजे से पहले ही कर लें।

ज्योतिर्विद रत्न वास्तु दैवज्ञ
पंडित मनोज कृष्ण शास्त्री
मो. 99938 74848

ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे कोलकाता हिन्दी न्यूज चैनल पेज को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। एक्स (ट्विटर) पर @hindi_kolkata नाम से सर्च करफॉलो करें।

Kolkata News Desk Avatar

Kolkata News Desk

News Editor MA

कोलकाता और पश्चिम बंगाल की ब्रेकिंग न्यूज, स्थानीय घटनाओं, खेल, राजनीति और सामाजिक मुद्दों की खबरों को कवर करता है। हमारी डेस्क टीम 24×7 सक्रिय रहकर पाठकों को ताज़ा और प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराती है।

यह भी पढ़ें:  राजीव कुमार झा की कविता : झिलमिल
Areas of Expertise: Sports, Politics & West Bengal
Fact Checked & Editorial Guidelines

Our Fact Checking Process

We prioritize accuracy and integrity in our content. Here's how we maintain high standards:

  1. Expert Review: All articles are reviewed by subject matter experts.
  2. Source Validation: Information is backed by credible, up-to-date sources.
  3. Transparency: We clearly cite references and disclose potential conflicts.
Reviewed by: Subject Matter Experts

Our Review Board

Our content is carefully reviewed by experienced professionals to ensure accuracy and relevance.

  • Qualified Experts: Each article is assessed by specialists with field-specific knowledge.
  • Up-to-date Insights: We incorporate the latest research, trends, and standards.
  • Commitment to Quality: Reviewers ensure clarity, correctness, and completeness.

Look for the expert-reviewed label to read content you can trust.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

four + 17 =