बस्ती। मंगलवार 31 मई 2022 को विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर निराला साहित्य और कबीर साहित्य सेवा संस्थान द्वारा कलेक्ट्रेट परिसर में वरिष्ठ साहित्यकार सत्येन्द्रनाथ मतवाला की अध्यक्षता में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी के मुख्य अतिथि सरदार जगबीर सिंह ने कहा कि तंबाकू स्वास्थ्य के हानिकारक पदार्थ है। यह एक धीमा जहर है, जो कि व्यक्ति के शरीर को अंदर से खोखला कर घातक बीमारियों का शिकार बना देता है। कई व्यक्ति ऐसे भी है, जिनको तंबाकू की वजह से मृत्यु तक का सामना करना पड़ा। ऐसे में सरकार और समाज दोनों स्तर पर जागरूकता की जरूरत है।

बी.के. मिश्रा ने कहा कि प्रति वर्ष तम्बाकू के उपयोग से लाखो लोगों की जान चली जाती है, कैंसर की महामारी में तम्बाकू विशेष कारण है। लोगों को स्वयं इससे बचना चाहिये। अध्यक्षता करते हुये साहित्यकार सत्येन्द्रनाथ मतवाला ने कहा कि अकाल मृत्यु होने के कारणों में से तंबाकू सेवन भी एक है, यह फेफड़ों को नुकसान पहुंचकर गंभीर समस्या पैदा कर देता है। जिससे हृदय रोग और फेफड़ों के कैंसर होने की संभावना बढ़ जाती है। डॉ. रामकृष्ण लाल ‘जगमग’ ने कहा कि अच्छा हो कि लोग इसे समझे और तम्बाकू के उत्पादों का बहिष्कार करें।

गोष्ठी का संचालन करते हुये सामईन फारूकी ने कहा कि सार्वजनिक जगहों पर मार्च, प्रदर्शनी, झंडे, बैनर निकालकर लोगों को जागरूक किये जाने की जरूरत है। गोष्ठी में मुख्य रूप से अनुरोध कुमार श्रीवास्तव, पं. चन्द्रबली मिश्र, भागवत प्रसाद श्रीवास्तव, सुधीर श्रीवास्तव (गोण्डा), सुदामा राय, नीरज कुमार वर्मा ‘नीर प्रिय’, पेशकार मिश्र, सिद्धेश सिन्हा, दीनानाथ यादव, लल्लू प्रसाद वर्मा, नेबूलाल, अनूपसेन पाण्डेय आदि ने अपने-अपने विचार व्यक्त किया।

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