कोलकाता, 30 दिसंबर 2025: पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) और चुनाव आयोग के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है।
TMC ने आज घोषणा की है कि पार्टी का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल जल्द ही नई दिल्ली में चुनाव आयोग के दफ्तर जाएगा, जहां अभिषेक बनर्जी मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) से मुलाकात करेंगे।
TMC का प्रतिनिधिमंडल और मुद्दे
प्रतिनिधिमंडल में शामिल होंगे:

- अभिषेक बनर्जी (राष्ट्रीय महासचिव)
- चंद्रिमा भट्टाचार्य (राज्यसभा सांसद)
- कुणाल घोष (प्रवक्ता)
- मौसम बेनर्जी (राज्यसभा सांसद)
TMC की प्रमुख मांगें:
- SIR प्रक्रिया को तुरंत रोकना या स्थगित करना।
- बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) पर बढ़ते कार्यभार और दबाव के कारण हुई आत्महत्याओं की जांच।
- “अमान्य” चिह्नित मतदाताओं को बिना सुनवाई के हटाने की प्रक्रिया पर रोक।
- पुरानी मतदाता सूची (विशेषकर 2002 की) के आधार पर वैध मतदाताओं को सुरक्षित रखना।
- प्रक्रिया में राजनीतिक पूर्वाग्रह के आरोपों की जांच।
Trinamool has consistently worked to address public concerns in a constructive manner. Our delegation raised this issue today before the CEO, WB and we are glad that steps were taken subsequently to provide relief.
We respectfully request the @ECISVEEP to consider the cases of… https://t.co/3ykJLoB4g1 pic.twitter.com/Fl1lKXCYjT
— Abhishek Banerjee (@abhishekaitc) December 29, 2025
अभिषेक बनर्जी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा: “SIR अब लोकतंत्र की हत्या का माध्यम बन गया है। बीएलओ की मौतें, लाखों मतदाताओं का नाम कटना – यह सब 2026 चुनाव में TMC को निशाना बनाने की साजिश है। हम CEC से मिलकर सच्चाई सामने लाएंगे।”
चुनाव आयोग का पक्ष
चुनाव आयोग ने SIR को “शुद्धिकरण” और “वास्तविक मतदाताओं की सुरक्षा” बताया है। आयोग का कहना है कि प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और सभी नियमों का पालन किया जा रहा है। हालांकि, बीएलओ की मौतों पर आयोग ने अभी कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
- भाजपा: राज्य अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा, “TMC डर रही है क्योंकि SIR से उनके फर्जी वोटर पकड़े जा रहे हैं। यह प्रक्रिया जरूरी है।”
- स्थानीय स्तर पर: बांकुरा और अन्य जिलों में बीएलओ की मौतों को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल न केवल SIR प्रक्रिया को रोकने की मांग करेगा, बल्कि ECI के ऐप और सॉफ्टवेयर से जुड़े तकनीकी खामियों को भी प्रमुखता से उठाएगा। साथ ही, SIR प्रक्रिया में ECI की अधिकारी सीमा खन्ना की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े किए जाएंगे।
यह मुलाकात SIR प्रक्रिया के भविष्य और 2026 विधानसभा चुनावों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण होगी।
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