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TMC सांसद ने राज्यपाल बोस के खिलाफ पुलिस में दर्ज कराई शिकायत

कोलकाता | 19 नवंबर 2025 : पश्चिम बंगाल में राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस और टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी के बीच टकराव और गहरा गया है। बुधवार को बनर्जी ने हैर स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में राज्यपाल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। यह कदम उस समय आया जब एक दिन पहले ही राजभवन ने बनर्जी के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी।

🔑 कल्याण बनर्जी का आरोप

  • बनर्जी ने आरोप लगाया कि राज्यपाल ने ऐसे बयान दिए हैं जो भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालते हैं
  • उन्होंने कहा कि बोस के बयान विद्रोह और विध्वंसक गतिविधियों को भड़काने वाले हैं।
  • शिकायत में जुलाई 2024, अक्टूबर 2025 और नवंबर 2025 में राज्यपाल द्वारा दिए गए प्रेस कॉन्फ्रेंस के बयान का हवाला दिया गया है।

जानकारी के मुताबिक दर्ज शिकायत में उन्होंने राज्यपाल का पद उल्लेख किए बिना उनका पूरा नाम और पिता का नाम लिखा है।

सांसद ने कहा कि मैंने सीवी आनंद बोस के खिलाफ शिकायत की है। राजभवन में रहने वाले व्यक्ति की टिप्पणियां जानबूझकर भड़काने वाली हैं। सरकार के खिलाफ लड़ाई के लिए उकसाया जा रहा है।

कल्याण ने आरोप लगाया कि राज्यपाल की भाषा और रवैया भाजपा को बढ़ावा देने वाला है। उन्होंने कहा, उनकी बात पर ही भाजपा वाले पुलिस को मारते और तोड़फोड़ करते हैं। मैं चार बार का सांसद हूं, जनता ने चुना है। वे अमित शाह के पैर पकड़कर राज्यपाल बने हैं। खेल वे ही जानते हैं। खेला होगा।

⚖️ कानूनी पहलू

  • शिकायत में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की कई धाराओं का उल्लेख किया गया है।
  • इनमें आपराधिक षड्यंत्र और राज्य विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने जैसे आरोप शामिल हैं।
  • बनर्जी ने पुलिस से राज्यपाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

TMC नेता के वकील अर्क कुमार गर्ग ने मीडिया को बताया कि कल्याण बनर्जी ने शिकायत की है कि बंगाल के राज्यपाल राजभवन का इस्तेमाल कुछ गैरकानूनी कामों के लिए कर रहे हैं, जो बंगाल की शांति बिगाड़ सकते हैं।

उन्होंने यह भी कहा है कि राज्यपाल सीधे तौर पर बंगाल, उसकी व्यवस्था और उसके कानून-व्यवस्था तंत्र पर हमला कर रहे हैं, इससे साबित होता है कि राज्यपाल की गतिविधियां राजद्रोह के बराबर हैं। यह शिकायत किसी पद के खिलाफ नहीं, बल्कि एक व्यक्ति के खिलाफ है।

📚 पृष्ठभूमि

  • मंगलवार को राजभवन ने बनर्जी के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उन्होंने राज्यपाल पर “BJP कार्यकर्ताओं को शरण देने और हथियार जमा करने” का आरोप लगाया।
  • इसके बाद से ही राज्यपाल और टीएमसी सांसद के बीच राजनीतिक और कानूनी टकराव तेज़ हो गया है।

भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराएं 61, 152, 163, 194 और 353 लगाई गई हैं। इनमें देशद्रोह से जुड़ी सभी उप-धाराएं शामिल हैं। जनता में झूठ फैलाकर लोगों को भड़काने, अशांति फैलाने की कोशिश से जुड़ी सारी धाराएं भी हैं। यह बहुत गंभीर आरोप है।

हमने मीडिया में राज्यपाल की ओर से कही गई हर बात का पूरा विवरण दिया है। हमने उनके उन बयानों का भी विवरण दिया है, जिनमें उन्होंने कहा था कि पुलिस शिकारी की तरह है।

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