Bengali star dev files nomination promises to plant trees equal to number of votes he gets

TMC सांसद देव और उनके परिवार को SIR सुनवाई का नोटिस

कोलकाता, 5 जनवरी 2026: पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का विवाद अब राजनीतिक हस्तियों तक पहुंच गया है। अभिनेता से नेता बने टीएमसी सांसद देव (दीपक अधिकारी) और उनके परिवार के तीन सदस्यों को एसआईआर सुनवाई का नोटिस जारी किया गया है।

इस नोटिस से राज्य की राजनीति गरमा गई है, और टीएमसी ने इसे “व्यस्त फिल्म अभिनेता एवं सांसद पर उत्पीड़न” करार दिया है।

अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि देव और उनके परिवार के सदस्यों को सुनवाई के लिए बुलाया गया है, लेकिन पेश होने की तारीख अभी तय नहीं है। नोटिस मिलने के बाद न तो देव की ओर से, न ही उनके परिवार की ओर से कोई प्रतिक्रिया आई है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अभिनेता को अपने परिवार के साथ नागरिकता का प्रमाण प्रस्तुत करने के लिए एसआईआर सुनवाई में उपस्थित होना होगा।

देव का राजनीतिक सफर 

देव पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले के घाटाल से तीन बार सांसद चुने गए हैं। उनके पिता के व्यवसाय के सिलसिले में पूरा परिवार मुंबई चला गया था, लेकिन बाद में देव कोलकाता में बस गए। टीएमसी ने कहा कि ऐसे में एसआईआर नोटिस “राजनीतिक साजिश” लगता है।

अन्य अभिनेताओं को भी नोटिस 

  • अनिर्बान भट्टाचार्य: पश्चिम मेदिनीपुर के रहने वाले अभिनेता को भी एसआईआर नोटिस मिला। वे पेशेवर कारणों से परिवार के साथ कोलकाता आ गए थे। अधिकारी ने बताया कि अनिर्बान को नोटिस इसलिए दिया गया क्योंकि उन्होंने जनगणना प्रपत्र भरते समय 2002 से संबंधित कोई दस्तावेज जमा नहीं किया था।
  • कौशिक बनर्जी और लाबोनी सरकार: दक्षिण कोलकाता के टॉलीगंज निवासी अभिनेता दंपती को भी एसआईआर नोटिस मिला था। दोनों सोमवार को सुनवाई में पेश हुए और दस्तावेज जमा किए।

टीएमसी का हमला – “उत्पीड़न का सिलसिला”

टीएमसी ने एसआईआर को “विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने की साजिश” बताया। पार्टी प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा: “एक व्यस्त फिल्म अभिनेता और सांसद को इस तरह का नोटिस जारी करना उत्पीड़न के समान है। एसआईआर अब राजनीतिक हथियार बन गया है। हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।”

भाजपा का जवाब – “नियम सबके लिए बराबर”

भाजपा ने TMC के आरोपों को “बहाना” बताया। राज्य अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा: “एसआईआर वैध मतदाताओं की सुरक्षा के लिए है। अगर नाम में विसंगति है, तो सुनवाई जरूरी है। TMC डर रही है क्योंकि फर्जी वोटर पकड़े जा रहे हैं।”

यह नोटिस SIR विवाद को और भड़का सकता है, क्योंकि 2026 विधानसभा चुनाव नजदीक हैं।

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