कोलकाता | 10 नवंबर 2025 : तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने भारत के चुनाव आयोग (ECI) को पत्र लिखकर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के बयान और BLO सॉफ्टवेयर इंटरफेस के बीच स्पष्ट विरोधाभास की ओर ध्यान दिलाया है।
TMC ने आरोप लगाया कि यह असंगति पश्चिम बंगाल के कई जिलों में BLO अधिकारियों के बीच भ्रम और संचालन संबंधी गतिरोध पैदा कर रही है, जिससे SIR प्रक्रिया बाधित हो रही है।
📌 क्या है मुद्दा ?
- CEC का बयान (27 अक्टूबर):
“गणना फॉर्म में व्यक्ति अपने या किसी रिश्तेदार (जैसे चाचा) का विवरण दर्ज कर सकता है”
- BLO सॉफ्टवेयर निर्देश:
- रिश्तेदार की श्रेणी सिर्फ माता-पिता और दादा-दादी तक सीमित
- ड्रॉपडाउन मेनू में विकल्प: बेटा, बेटी, पोता, पोती, ट्रांसजेंडर
- कोई विकल्प नहीं: भाई, बहन, चाचा, अन्य रक्त संबंधी
TMC ने इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग उठाई। TMC ने पत्र में लिखा कि हम आपके ध्यान में एक तात्कालिक महत्व के मुद्दे को लाने के लिए लिख रहे हैं, जिसने पश्चिम बंगाल के कई जिलों में बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) के बीच व्यापक भ्रम और संचालन संबंधी गतिरोध पैदा कर दिया है।

⚠️ TMC की चिंता
- BLO वास्तविक नागरिकों के डेटा प्रविष्टि में असमर्थ हैं
- CEC के मौखिक स्पष्टीकरण और सॉफ्टवेयर निर्देशों में विरोधाभास
- इससे SIR प्रक्रिया में बाधा और मतदाताओं को कठिनाई हो रही है
हालांकि, यह बयान बीएलओ और बीएलओ सॉफ्टवेयर इंटरफेस को जारी लिखित निर्देशों का सीधा खंडन करता है, जो दोनों ‘रिश्तेदार’ श्रेणी को सख्ती से माता-पिता और दादा-दादी तक ही सीमित रखते हैं।
बीएलओ ऐप में ड्रॉपडाउन मेनू वर्तमान में सीमित संबंधपरक विकल्प बेटा, बेटी, पोता, पोती और ट्रांसजेंडर दिखाता है, जिसमें भाई, बहन, चाचा या किसी अन्य रक्त संबंधी जैसे अन्य संबंधों को चुनने का कोई प्रावधान नहीं है।
📩 TMC की मांग
- CEC के बयान को औपचारिक रूप से BLO सॉफ्टवेयर में लागू किया जाए
- BLO ऐप के ड्रॉपडाउन मेनू और इनपुट फील्ड को तुरंत अपडेट किया जाए
- BLO को स्पष्ट और एकरूप निर्देश पुस्तिका दी जाए
- तत्काल हस्तक्षेप कर SIR प्रक्रिया को सुचारू बनाया जाए
मुख्य चुनाव आयुक्त के मौखिक स्पष्टीकरण और बीएलओ सॉफ्टवेयर में परिचालन तंत्र के बीच इस असंगति ने जमीनी स्तर पर भ्रम पैदा कर दिया है।
बीएलओ कई वास्तविक नागरिकों के लिए डेटा प्रविष्टि के साथ आगे बढ़ने में असमर्थ हैं, जो संकीर्ण माता-पिता/दादा-दादी संबंध से बाहर आते हैं, जबकि सीईसी ने स्पष्ट सार्वजनिक बयान में रिश्तेदारों और रक्त संबंधों जैसे चाचाओं को शामिल करने के लिए परिभाषा का विस्तार किया है।
🗣️ राजनीतिक संदर्भ
- यह पत्र ऐसे समय आया है जब SIR प्रक्रिया को लेकर बंगाल में राजनीतिक तनाव चरम पर है
- TMC ने इसे प्रशासनिक पारदर्शिता और मतदाता अधिकारों का मुद्दा बताया
- BJP ने SIR को अवैध घुसपैठियों को हटाने का ज़रिया बताया है, जबकि TMC इसे राजनीतिक हथियार कह रही है
जब तक ऐसा कार्यान्वयन प्रभावी नहीं हो जाता, तब तक बीएलओ विरोधाभासी दिशानिर्देशों से बंधे रहेंगे, जो विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के समुचित संचालन में सीधे तौर पर बाधा डालते हैं और मतदाताओं के लिए अनावश्यक कठिनाई पैदा करते हैं।
हम आपसे तत्काल हस्तक्षेप करने का आग्रह करते हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि मुख्य चुनाव आयुक्त के शब्दों को बिना किसी और देरी के अमल में लाया जाए।
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