कोलकाता न्यूज डेस्क | 31 मई 2026: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद दर्ज हुए मामलों और कथित राजनीतिक हिंसा को लेकर तृणमूल कांग्रेस ने कानूनी मोर्चे पर तैयारी तेज कर दी है।
पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी के निर्देश पर एक विशेष वकील समिति का गठन किया गया है, जो विभिन्न मामलों में फंसे पार्टी कार्यकर्ताओं को कानूनी सहायता प्रदान करेगी।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, समिति के पास पहले ही बड़ी संख्या में जमानत संबंधी आवेदन और कानूनी दस्तावेज पहुंच चुके हैं।
फिलहाल कलकत्ता हाईकोर्ट में ग्रीष्मकालीन अवकाश चल रहा है। अदालत खुलते ही इन मामलों को लेकर कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
ममता बनर्जी ने दिया था कानूनी सहायता का निर्देश
तृणमूल नेतृत्व ने चुनाव बाद विभिन्न जिलों में कथित अशांति और राजनीतिक घटनाओं की समीक्षा के लिए पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को सक्रिय रहने को कहा था। इसी दौरान वकीलों की एक समिति बनाने का निर्देश भी दिया गया।
पार्टी का कहना है कि यदि कोई कार्यकर्ता किसी मामले में फंसता है तो यह समिति उसके साथ खड़ी होगी और आवश्यक कानूनी सहायता उपलब्ध कराएगी।
किन मामलों पर होगी कानूनी लड़ाई?
तृणमूल कांग्रेस का दावा है कि चुनाव बाद बड़ी संख्या में उसके कार्यकर्ताओं के खिलाफ राजनीतिक उद्देश्य से मामले दर्ज किए जा रहे हैं।
वहीं भाजपा का आरोप है कि 2021 के बाद से तृणमूल नेताओं द्वारा कथित दबाव और हिंसा के कारण कई शिकायतें दर्ज नहीं हो सकी थीं, जिन्हें अब दर्ज कराया जा रहा है।
इसी को लेकर दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
कल्याण बनर्जी ने मांगे दस्तावेज
तृणमूल के वरिष्ठ नेता और सांसद कल्याण बनर्जी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की है कि यदि वे ऐसे किसी मामले में फंसे हैं तो संबंधित एफआईआर और अदालत के आदेशों की प्रमाणित प्रतियां उन्हें उपलब्ध कराएं।
उन्होंने कहा कि अदालतों के खुलने के बाद प्रभावित लोगों की ओर से जमानत याचिकाएं दाखिल की जाएंगी और कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी।
भाजपा पर लगाए राजनीतिक मामलों के आरोप
कल्याण बनर्जी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में तृणमूल कार्यकर्ताओं के खिलाफ राजनीतिक उद्देश्य से झूठे मामले दर्ज किए जा रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि कुछ मामलों में निर्दोष कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है और उनके साथ कठोर व्यवहार किया जा रहा है। हालांकि इन आरोपों पर भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
हाईकोर्ट में जमानत याचिकाओं की तैयारी
तृणमूल की कानूनी टीम का कहना है कि कई कार्यकर्ता अभी भी जेल में हैं और उन्हें अब तक राहत नहीं मिली है। ऐसे मामलों में हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा।
समिति से जुड़े वकीलों का कहना है कि पार्टी कार्यालयों और विभिन्न माध्यमों से बड़ी संख्या में दस्तावेज प्राप्त हो रहे हैं। अदालतों में गर्मी की छुट्टियां समाप्त होने के बाद इन सभी मामलों को क्रमवार उठाया जाएगा।
अदालत खुलते ही बढ़ेगी कानूनी गतिविधियां
जून के पहले सप्ताह के अंत में ग्रीष्मकालीन अवकाश समाप्त होने के बाद कलकत्ता हाईकोर्ट में इन मामलों को लेकर कानूनी गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि चुनाव बाद दर्ज मामलों और जमानत याचिकाओं को लेकर राज्य की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो सकता है।
फिलहाल सभी की नजरें अदालत के खुलने और इन मामलों में होने वाली आगामी कानूनी कार्रवाई पर टिकी हैं।
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