कोलकाता। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) मे बताया कि तृणमूल कांग्रेस की युवा इकाई के नेता विनय मिश्रा से जुड़ी एक कंपनी की 13.63 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है और मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में विनय के भाई विकास मिश्रा को गिरफ्तार किया गया है। मामला पश्चिम बंगाल में अवैध रूप से कोयला खनन और चोरी का है जिसमें मिश्रा बंधुओं, स्थानीय कोयला व्यापारी अनूप माझी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी तथा उनकी पत्नी रुजिरा कथित तौर पर शामिल हैं। इस मामले में अभिषेक और रुजिरा से ईडी पूछताछ कर चुकी है।

धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत प्रदेश के पूर्बा वर्धमान जिले के गोपीनाथपुर में स्थित उक्त दोनों संपत्तियों को जब्त करने का आदेश 19 जुलाई को जारी किया गया था। एजेंसी ने कहा, ‘विनय मिश्रा और विकास मिश्रा उर्फ छोटू ने जुलाई 2018 से मार्च 2020 के दौरान अनूप माझी उर्फ लाला की सहायता से अपराध से प्राप्त 731 करोड़ रुपये पहुंचाए। ईडी की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि अचल सम्पत्तियां, इंडो-अमेरिकन इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (जिस पर मालिकाना हक एलटीबी इंफ्रा कंसल्टेंट प्राइवेट लिमिटेड का है) की है, जिसमें विनय मिश्रा और विकास मिश्रा निदेशक तथा शेयरधारक हैं।

धन शोधन के मामले के संबंध में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा नवंबर 2020 में प्राथमिकी दर्ज की गई थी जिसमें आरोप लगाया गया था कि पश्चिम बंगाल के आसनसोल में और उसके आसपास कुनुस्तोरिया और कजोरा इलाके में ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की खदानों में कई करोड़ रुपये के कोयला चोरी का घोटाला हुआ। ईडी ने इस संबंध में पिछले साल मई में आरोपपत्र दायर किया था। एजेंसी ने अपनी जांच के दौरान माझी, विकास मिश्रा और बांकुड़ा पुलिस थाने के पूर्व प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार मिश्रा को गिरफ्तार किया है।

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