कोलकाता न्यूज डेस्क | 28 मई 2026: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद कथित वसूली और दबंगई के मामलों में लगातार कार्रवाई जारी है।
इसी कड़ी में खड़दह के तृणमूल कांग्रेस नेता और बंदीपुर पंचायत के उपप्रधान प्रसेंजीत साहा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उन पर वसूली, धमकी और अवैध तरीके से संपत्ति बनाने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।
रहड़ा थाना पुलिस ने प्रसेंजीत साहा को गिरफ्तार कर बाराकपुर अदालत में पेश करने की तैयारी की है। उनकी गिरफ्तारी के बाद उनका आलीशान बंगला ‘पी गैलेक्सी हाउस’ इलाके में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।
इलाके में दबदबे को लेकर चर्चित था नाम
स्थानीय राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, पंचायत उपप्रधान के पद का प्रभाव दिखाकर प्रसेंजीत साहा लंबे समय से इलाके में दबंगई कर रहा था। आरोप है कि वह लोगों को धमकाकर पैसे वसूलता था और विरोध करने वालों पर दबाव बनाता था।
इसके अलावा, कल्याणी एक्सप्रेसवे के आसपास फैली जलभूमि को भरकर ऊंची कीमत पर बेचने का भी आरोप उस पर लगा है। इलाके में उसकी पकड़ लगातार मजबूत होती जा रही थी और उसके खिलाफ कई शिकायतें सामने आ रही थीं।
चुनाव से पहले दी गई थी चेतावनी
सूत्रों के मुताबिक, विधानसभा चुनाव से पहले प्रसेंजीत साहा को कई बार चेतावनी दी गई थी। इसके बावजूद उस पर दबंगई और अवैध गतिविधियां जारी रखने के आरोप लगे।
29 अप्रैल को खड़दह में मतदान के दौरान केंद्रीय बलों ने उसके ‘गैलेक्सी हाउस’ में तलाशी अभियान भी चलाया था। हालांकि उस समय वह फरार हो गया था। अब पुलिस ने आखिरकार उसे गिरफ्तार कर लिया है।
चर्चा में आलीशान ‘पी गैलेक्सी हाउस’
गिरफ्तारी के बाद सबसे ज्यादा चर्चा उसके आलीशान बंगले ‘पी गैलेक्सी हाउस’ की हो रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह घर किसी महल या सात सितारा होटल से कम नहीं है।
भव्य प्रवेश द्वार, महंगे लकड़ी के फर्नीचर, आलीशान बेडरूम, लग्जरी इंटीरियर और शानदार सजावट इस घर को बेहद खास बनाते हैं। घर के अंदर की साज-सज्जा उसकी कथित ऐशोआराम भरी जिंदगी की झलक देती है।
करोड़ों की संपत्ति पर सवाल
इलाके में चर्चा है कि प्रसेंजीत साहा ने कथित वसूली के पैसों से धीरे-धीरे यह आलीशान संपत्ति तैयार की। बताया जा रहा है कि ‘पी गैलेक्सी हाउस’ की कीमत करोड़ों रुपये में हो सकती है।
हालांकि संपत्ति की वास्तविक कीमत और आय के स्रोतों को लेकर अभी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस और प्रशासन अब उसके आर्थिक लेन-देन और संपत्ति के दस्तावेजों की भी जांच कर सकते हैं।
सरकार ने दिया सख्ती का संदेश
राज्य सरकार पहले ही कथित वसूली, धमकी और राजनीतिक संरक्षण प्राप्त अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संकेत दे चुकी है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भी कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाने की बात कही थी।
अब प्रसेंजीत साहा की गिरफ्तारी को उसी कार्रवाई का हिस्सा माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में ऐसे मामलों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
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