कोलकाता न्यूज डेस्क | 08 जून 2026: पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने सोमवार को तृणमूल कांग्रेस के नेता जहांगीर खान को गिरफ्तार कर लिया। दक्षिण 24 परगना जिले के फालता विधानसभा क्षेत्र से हारे हुए TMC उम्मीदवार जहांगीर को नेपाल बॉर्डर से पकड़ा गया।
पुलिस के अनुसार, वह नेपाल भागने की कोशिश कर रहे थे। उन्हें गिरफ्तार कर कोलकाता लाया जा रहा है।
गिरफ्तारी का कारण
जहांगीर खान के खिलाफ आर्म्स एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज है। फालता में 21 मई को हुए दोबारा मतदान से पहले चुनावी गड़बड़ी के आरोपों से जुड़े इस मामले में उनकी भूमिका की जांच चल रही थी।
महत्वपूर्ण बात:
- 26 मई को कलकत्ता हाई कोर्ट ने जहांगीर खान को दी गई सभी सुरक्षा वापस ले ली थी, जिसके बाद पुलिस को गिरफ्तारी में कोई कानूनी बाधा नहीं रही।
- 2019 का एक पुराना मामला भी उनके खिलाफ चल रहा था।
फालता उपचुनाव का विवाद
फालता विधानसभा सीट पर 21 मई को दोबारा मतदान हुआ था। जहांगीर खान ने चुनाव से 48 घंटे पहले अपना नाम वापस ले लिया था। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा था:
“मेरा सपना एक ‘सुनहरे फालता’ का था। हमारे मुख्यमंत्री (सुवेंदु अधिकारी) फालता के विकास के लिए विशेष पैकेज दे रहे हैं। इसी वजह से मैंने दोबारा चुनाव से खुद को अलग कर लिया।”
हालांकि, ईवीएम पर उनका नाम और TMC का चुनाव चिह्न मौजूद था। 24 मई को नतीजे घोषित होने पर:
- BJP ने 1.09 लाख से अधिक वोटों से जीत हासिल की।
- CPI(M) दूसरे स्थान पर रही।
- जहांगीर खान 7,783 वोट के साथ चौथे स्थान पर रहे।
नतीजे आने के बाद जहांगीर खान गायब हो गए थे।
घटना की पृष्ठभूमि
फालता में मूल चुनाव के दौरान ईवीएम पर परफ्यूम, स्याही और टेप के इस्तेमाल की शिकायतें मिली थीं। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने खुद दोबारा चुनाव कराने की मांग की थी। 29 अप्रैल को हुए अंतिम चरण के चुनाव के बाद आयोग ने फालता में पुनर्मतदान का फैसला लिया था।
जहांगीर खान को तृणमूल महासचिव अभिषेक बनर्जी का करीबी माना जाता है। चुनाव से पहले उनके घर पर छापा पड़ा था, जिसके बाद उन्होंने ‘पुष्पा’ डायलॉग का इस्तेमाल करते हुए विवादित बयान दिया था।
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