📍 कोलकाता | 28 नवंबर 2025 : पश्चिम बंगाल में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने दावा किया है कि इस प्रक्रिया के दौरान अब तक 40 लोगों की मौत हो चुकी है।
पार्टी ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त के “हाथों पर खून है।”
🗣️ TMC का दावा
- टीएमसी नेताओं का कहना है कि BLOs और शिक्षकों पर अत्यधिक दबाव डाला जा रहा है।
- असंगठित कार्यप्रणाली और भारी कामकाज के कारण कई लोगों की मौत हुई है।
- पार्टी ने चुनाव आयोग से मुलाकात कर कहा कि यह प्रक्रिया “अमानवीय और असंगठित” है।
डेरेक ओ’ब्रायन के नेतृत्व में 10 सदस्यीय टीएमसी प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से मुलाकात की। इसमें महुआ मोइत्रा, सताबदी रॉय, कल्याण बनर्जी, प्रातिमा मोंडल, सजदा अहमद, डोला सेन, ममता ठाकुर, साकेत गोखले शामिल थे।

मुलाकात के बाद ओ’ब्रायन ने कहा: “हमने बैठक की शुरुआत इस बात से की कि मुख्य चुनाव आयुक्त के हाथों पर खून है।”
⚠️ राजनीतिक विवाद
- टीएमसी ने सवाल उठाया कि अगर यह प्रक्रिया घुसपैठ रोकने के लिए है, तो पूर्वोत्तर राज्यों में क्यों नहीं की जा रही।
- भाजपा और विपक्षी दलों ने टीएमसी के आरोपों को राजनीतिक रंग देने की बात कही।
- चुनाव आयोग ने अब तक इन मौतों को “आरोप मात्र” बताया है और आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
📌 स्थिति का असर
- ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में BLOs और शिक्षकों पर काम का दबाव बढ़ा है।
- राजनीतिक दलों के आरोपों से चुनावी माहौल और गरमा गया है।
- आयोग को अब प्रक्रिया की पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी।
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