IMG 20260821 WA0019

स्कूल कनेक्ट से आईआईटी खड़गपुर ने स्कूली विद्यार्थियों को दिखाई विज्ञान और नवाचार की नई राह

तारकेश कुमार ओझा, खड़गपुर। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) खड़गपुर के प्लेटिनम जुबली वर्ष के अवसर पर आयोजित ‘स्कूल कनेक्ट’ कार्यक्रम में स्कूली विद्यार्थियों को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अनुसंधान और नवाचार की दुनिया से रूबरू कराया गया। उद्देश्य विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकों और पारंपरिक कक्षा-कक्ष की सीमाओं से बाहर निकालकर उनमें जिज्ञासा, कल्पनाशक्ति और समस्या-समाधान की क्षमता विकसित करना था।

दिनभर चले इस विशेष आउटरीच कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने आईआईटी खड़गपुर के शैक्षणिक एवं अनुसंधान परिवेश को करीब से देखा। उन्होंने संस्थान की अत्याधुनिक अनुसंधान सुविधाओं, नेहरू संग्रहालय और परिसर का निर्देशित भ्रमण किया। इस दौरान उन्हें नवंबर में प्रस्तावित CreateX@75 – Create • Imagine • Innovate • Express प्रतियोगिता की जानकारी भी दी गई, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों को अपने रचनात्मक और नवाचारी विचारों को सामने रखने का अवसर मिलेगा।

कार्यक्रम के प्रातःकालीन सत्र में आईआईएसईआर तिरुपति के निदेशक शांतनु भट्टाचार्य मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ विज्ञान एवं अनुसंधान से जुड़े अपने विचार साझा किए। विशिष्ट अतिथि ऊपाली ओपेराजिता ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। इस अवसर पर उनकी एक फिल्म का प्रदर्शन किया गया।

कार्यक्रम के समापन सत्र में पश्चिम बंगाल सरकार के स्कूल शिक्षा एवं आवास तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम एवं वस्त्र विभाग के मंत्री दीपक बर्मन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। आईआईटी खड़गपुर के निदेशक सुमन चक्रवर्ती ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। संस्थान की ऐतिहासिक यात्रा, उपलब्धियों, अनुसंधान, नवाचार और छात्र जीवन पर आधारित फिल्म भी प्रदर्शित की गई।

दीपक बर्मन ने कहा कि स्कूली शिक्षा को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित रखने के बजाय उसे अधिक व्यावहारिक, कौशल-आधारित और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाना समय की आवश्यकता है।

यह भी पढ़ें:  आसाराम को बलात्कार के एक और मामले में उम्र कैद की सजा

उन्होंने ‘एक विद्यार्थी, एक कौशल’ जैसी पहल और विद्यार्थियों को वास्तविक औद्योगिक परिवेश से परिचित कराने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि लक्ष्य ऐसी नई पीढ़ी तैयार करना है जो कुशल, आत्मविश्वासी और आत्मनिर्भर हो तथा वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प में प्रभावी योगदान दे सके।

आईआईटी खड़गपुर के निदेशक सुमन चक्रवर्ती ने कहा कि स्कूली शिक्षा और आईआईटी जैसी उच्च शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थाओं के बीच की दूरी कम करनी होगी। विद्यार्थियों को उन्नत विज्ञान और नवाचार से परिचित कराने का काम प्रवेश परीक्षा के बाद नहीं, बल्कि उनकी जिज्ञासा के शुरुआती दौर से ही शुरू होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के दौर में विद्यार्थियों की सबसे बड़ी ताकत उनकी जिज्ञासा, कल्पनाशक्ति और सवाल पूछने का साहस है।
उन्होंने तकनीक, मानवीय मार्गदर्शन और व्यावहारिक शिक्षा को एक साथ जोड़कर स्कूली शिक्षा को नई दिशा देने की परिकल्पना भी सामने रखी।

इसके तहत मानवीय शिक्षकों के सहयोग से 24×7 एआई-सक्षम ट्यूटर, Bengal Advanced Teacher Mission, Bengal Innovation Schools Network, Create-X@75 और Toycathon Bengal जैसी पहलों के साथ रोबोटिक्स, ड्रोन, एआई और माइक्रोचिप किट से लैस मेकर लैब विकसित करने की योजना पर जोर दिया गया।

आईआईटी खड़गपुर स्वयं को स्कूली विद्यार्थियों के लिए एक ‘Knowledge Anchor’ के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी काम कर रहा है। इसके तहत शुरुआती स्तर से STEM शिक्षण किट विकसित करने, WB-EDUGRID जैसे डिजिटल ढांचे को मजबूत करने और विद्यार्थियों को समय पर शैक्षणिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए स्मार्ट अलर्ट प्रणाली विकसित करने की परिकल्पना है। साथ ही विद्यार्थियों के नवाचारी विचारों को वास्तविक समाधान में बदलने के लिए उन्हें संस्थान के इनोवेशन सेंटरों से जोड़ने की पहल भी प्रस्तावित है।

यह भी पढ़ें:  भारत-बांग्लादेश सीमा के पास व्यक्ति गिरफ्तार, सौंदर्य उत्पाद जब्त

आईआईटी खड़गपुर की ऐतिहासिक यात्रा का उल्लेख करते हुए निदेशक ने विद्यार्थियों से केवल परीक्षा और अंकों तक सीमित नहीं रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को यह सोचना चाहिए कि समाज और देश के सामने मौजूद किन समस्याओं का समाधान वे अपनी प्रतिभा और ज्ञान के माध्यम से कर सकते हैं।

हिजली डिटेंशन कैंप से भारत के प्रथम आईआईटी तक की यात्रा पूरी कर चुके आईआईटी खड़गपुर का ‘स्कूल कनेक्ट’ कार्यक्रम उसके 75वें वर्ष में ज्ञान और नवाचार को परिसर की सीमाओं से बाहर ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया। कार्यक्रम का संदेश स्पष्ट था – वैज्ञानिक सोच और नवाचार की शुरुआत किसी प्रवेश परीक्षा से नहीं, बल्कि एक सवाल से होती है।IMG 20260821 WA0021

ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे कोलकाता हिन्दी न्यूज चैनल पेज को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। एक्स (ट्विटर) पर @hindi_kolkata नाम से सर्च करफॉलो करें।

तारकेश कुमार ओझा Avatar

तारकेश कुमार ओझा खड़गपुर ब्यूरो के प्रमुख हैं। खड़गपुर और आसपास के क्षेत्रों से राजनीति, स्थानीय घटनाओं और विकास की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। ब्यूरो चीफ के रूप में सालों से कोलकाता हिंदी न्यूज़ से जुड़े हुए हैं।”

यह भी पढ़ें:  24 जून : आज का राशिफल जानें, पं. मनोज कृष्ण शास्त्री से
Fact Checked & Editorial Guidelines

Our Fact Checking Process

We prioritize accuracy and integrity in our content. Here's how we maintain high standards:

  1. Expert Review: All articles are reviewed by subject matter experts.
  2. Source Validation: Information is backed by credible, up-to-date sources.
  3. Transparency: We clearly cite references and disclose potential conflicts.
Reviewed by: Subject Matter Experts

Our Review Board

Our content is carefully reviewed by experienced professionals to ensure accuracy and relevance.

  • Qualified Experts: Each article is assessed by specialists with field-specific knowledge.
  • Up-to-date Insights: We incorporate the latest research, trends, and standards.
  • Commitment to Quality: Reviewers ensure clarity, correctness, and completeness.

Look for the expert-reviewed label to read content you can trust.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

five × 4 =