उज्जैन । राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना के राष्ट्रीय अधिवेशन के आभासी बैठक में राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना के अध्यक्ष बृजकिशोर शर्मा, पूर्व शिक्षा अधिकारी ने अपना मंतव्य देते हुए कहा कि हमारी संस्था विचारों के माध्यम से समाज को जागृत और प्रशिक्षित करना चाहती है। उसके लिए हमें समाज के प्रति सेवा भाव रखने वाले, राष्ट्र के प्रति समर्पण भाव रखने वाले, विचार वान व्यक्ति, चिंतक व्यक्तियों को संस्था से जोड़ना चाहिए जो कि वित्तीय दृष्टि से, विचार संप्रेषण की दृष्टि से, विस्तार की दृष्टि से संस्था को आगे बढ़ाना चाहते हों। उसके लिए हमें मानद सदस्यता भी देना होगी।

संस्था के संरक्षक डॉ. शैलेंद्रकुमार शर्मा ने राष्ट्रीय समारोह आयोजको को धन्यवाद दिया। संस्था के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. प्रभु चौधरी ने आय-व्यय का व्योरा दिया और पिछले वर्ष के कार्यक्रमों पर प्रकाश डाला। साथ ही साथ आगामी योजनाओं पर भी चर्चा करते हुए कहा कि, 31 जुलाई को प्रेमचंद जयंती, 14 अगस्त को आजादी का अमृत महोत्सव, 20 अगस्त को हरियाणा और पंजाब प्रदेश का चंडीगढ़ में कार्यक्रम होगा तथा 11से 18 सितंबर को हिंदी सप्ताह मनाया जाएगा।
राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता डॉ. मुक्ता कान्हा कौशिक ने कहा कि, संस्था पंजीकृत होने से सदस्य संख्या अधिक बढेगी।

मुख्य कार्यकारी अध्यक्ष राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना, सुवर्णा जाधव, महाराष्ट्र ने कहा कि, पद के साथ-साथ उस पद के प्रति जिम्मेदारी और कर्तव्यों को भी सदस्यों को बताना जरूरी है और युवा इकाई भी बनायी जानी चाहिए। पत्रिका ऐसी होनी चाहिए जिसको लोग संग्रह करना चाहें। राष्ट्रीय मार्गदर्शक डॉ. हरिसिंह पाल, दिल्ली ने कहा कि पद से संबंधित सभी कार्यों का निर्वाहन सभी सदस्यों को करना चाहिए। पत्रिका में संस्थान की गतिविधियों और आगामी कार्यक्रम की जानकारी भी होना चाहिए। राष्ट्रीय संयोजक डॉ. अनुसुइया अग्रवाल ने कहा कि समारोह हर सदस्य की भागीदारी होना आवश्यक है। नैतिक जिम्मेदारियों को पूरा करना परम आवश्यक है।

राष्ट्रीय प्रवक्ता बालासाहेब तोरस्कर ने कहा कि हमें संस्था में युवाओं को सम्मिलित करना चाहिए। पत्रिका को स्थापना दिवस पर स्मरणिका की तरह होना चाहिए। उसमें विज्ञापन की व्यवस्था होनी चाहिए। गरिमा गर्ग ने कहा कि फेसबुक पर पेज बनाया है उसकी जानकारी दी। राज्य पंजाब एवं हरियाणा का संयुक्त आयोजन ट्राइसिटी का चंडीगढ़ में आयोजित किया जायेगा। संस्था के समस्त पदाधिकारियों को आमंत्रित किया जाता है।

कार्यक्रम का सुव्यवस्थित संचालन करते हुए डॉ. रश्मि चौबे, गाजियाबाद, मुख्य महासचिव महिला इकाई ने कहा कि माह में एक ऑनलाइन गोष्ठी होना चाहिए। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. रश्मि चौबे की सरस्वती वंदना से हुई। प्रस्तावना राष्ट्रीय महासचिव डॉ. प्रभु चौधरी, उज्जैन द्वारा प्रस्तुत की गई। स्वागत भाषण गरिमा गर्ग, उप महासचिव, पंचकूला ने दिया और आभार व्यक्त पुष्पा गरोठिया ने किया।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना के मुख्य संयोजक, डॉ. शहाबुद्दीन नियाज मोहम्मद शेख, पुणे, डॉ. प्रवीण बाला, पटियाला, दीपिका सुतोदिया, गुवाहाटी ने भी विचार व्यक्त किए। बैठक मे डॉ. जी.डी. अग्रवाल, अनिल ओझा, डॉ. शिवा लोहारिया, डॉ. सुनीता मंडल, पुष्पा गरोठिया, भुवनेश्वरी जायसवाल, स्मृति चौधरी, डाॅ. सीमा चौधरी, डॉ. विनोद बिश्नोई, संगीता पाल आदि अन्य अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।

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