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25 लाख 37 हजार की लागत से बनी सड़क कुछ ही महीने में धसकर गड्ढे में तब्दील

मालदा। मिड-डे-मील में गड़बड़ी की शिकायत पर केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल जब जिले में जांच कर रहा है, उस समय गांव के लोग सड़क बनाने को लेकर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि सड़क बनने के एक साल के भीतर ही वह टूटकर गड्ढा बन गया है। गांव की करीब बीस मीटर सड़क टूटकर एक बड़े गड्ढे में तब्दील हो गई है। बार-बार शिकायत करने के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ। माणिकचक चौकी मीरदादपुर ग्राम पंचायत के बंगलाचक गांव के निवासियों का आरोप है कि सड़क निर्माण में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। मालदा माणिकचक पंचायत समिति की देखरेख में माणिकचक की चौकी पंचायत के बंगालचक गांव में करीब 25 लाख 37 हजार की लागत का केंद्रीय प्रोजेक्ट के अंतर्गत करीब एक साल पहले 750 मीटर पक्की सड़क बनाई गई थी।

आरोप है कि सड़क बनाने के कुछ महीने बाद ही सड़क टूटकर धस गया। गांव में सड़क नहीं होने के कारण कोई वाहन अंदर नहीं जा सकता है। ग्रामीणों की शिकायत है कि माणिकचक पंचायत समिति व प्रशासनिक अधिकारी कार्यालय में बार-बार शिकायत की लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। बंगालचक गांव के लोगों की सड़क की समस्या को ध्यान में रखते हुए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत सड़क का निर्माण किया गया था। स्थानीय लोगों के अनुसार यह गांव की संपर्क व्यवस्था का एकमात्र सड़क है। स्कूली छात्र व मरीजों को इसी रास्ते से जाना पड़ता है। इसे लेकर संगठनात्मक भाजपा जिला महासचिव गौर चंद्र मंडल ने कहा, प्रदेश में जगह-जगह सेंट्रल प्रोजेक्ट का पैसा लुटाया गया है।

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ठेकेदारों को हर जगह कट मनी देनी पड़ रही है। इसलिए सड़कों की हालत खराब है। माणिकचक केंद्रीय परियोजना में हर जगह बिना काम किए पैसा लुटाया गया है। हालांकि पूरे मामले पर माणिकचक पंचायत समिति अध्यक्ष कविता मंडल ने कहा कि उन्हें इस सड़क को लेकर अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है। हालांकि जिस ठेकेदार ने काम किया है, उसकी जांच की जाएगी। भ्रष्टाचार पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाएगी। प्रशासनिक स्तर पर बोलते हुए कहा कि अगर इसकी हालत खराब है तो इसे जल्द ठीक करने के लिए कदम उठाए जाएंगे।

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