संवाद सूत्र, खड़गपुर। विश्वकवि रवींद्रनाथ ठाकुर की पुण्यतिथि के अवसर पर शनिवार को मेदिनीपुर रवींद्र स्मृति समिति की ओर से विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से कविगुरु को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। रवींद्र निलय सभागृह में आयोजित कार्यक्रम का आयोजन प्रातः और संध्याकालीन दो सत्रों में किया गया।
सुबह कविगुरु की प्रतिमा पर माल्यार्पण तथा पौधारोपण के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके बाद समिति के संगीत विभाग के विद्यार्थियों ने उद्घाटन गीत प्रस्तुत किया। दिनभर चले कार्यक्रम में एकल एवं सामूहिक रूप से रवींद्र संगीत, कविता पाठ, नृत्य, वाद्य संगीत तथा नृत्य-गीत आलेख की प्रस्तुतियों ने सभागृह को सांस्कृतिक रंग से भर दिया।
कार्यक्रम में रवींद्र स्मृति समिति के महासचिव लक्ष्मण चंद्र ओझा, संगीत गुरु जयंत साहा, वाचिक कलाकार अमिय पाल एवं मालविका पाल, संगीत कलाकार रथीन दास सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सुबह के कार्यक्रम का संचालन ईशिता चट्टोपाध्याय ने किया। तबले पर अरुण चट्टोराज, गणेश श्यामल और विद्युत विकास दास ने संगत की।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण जयंत साहा, रवींद्रनाथ दास और डॉ. सुतृप्ता मंडल के निर्देशन में प्रस्तुत नृत्य-गीत आलेख ‘এসেছে বর্ষা বড় চঞ্চল’ रहा। नृत्य, संगीत और भावाभिव्यक्ति के सुंदर समन्वय से सजी इस प्रस्तुति ने दर्शकों की विशेष सराहना बटोरी।
पूरे आयोजन में रवींद्रनाथ की रचनाओं, विचारों और सांस्कृतिक चेतना को विभिन्न कलात्मक माध्यमों से याद किया गया। समिति के सदस्यों और कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से यह संदेश दिया कि कविगुरु की साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत आज भी उतनी ही प्रासंगिक है।
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