तारकेश कुमार ओझा, खड़गपुर। पूर्व मेदिनीपुर जिला अंतर्गत कांथी के मिश्र परिवार की दुर्गा पूजा एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर है, जो 286 वर्षों से चली आ रही है। इस पूजा की विशेषता है इसकी निष्ठा और परंपरा, जो सनातन संस्कृति और वैदिक आचार पद्धति का पालन करती है।
पूजा का इतिहास :
शुरुआत – इस पूजा की शुरुआत स्वर्गीय मृत्युंजय मिश्र ने की थी, जो अपनी दानवीरता के लिए जाने जाते थे। स्थानीय लोगों के मुताबिक मृत्युंजय मिश्र ने टेंगुनिया प्राथमिक विद्यालय की स्थापना की और कई लोगों को जमीन दान में दी।
पूजा की विशेषताएं :
चतुराहुति होम – पूजा का विशेष आकर्षण चतुराहुति होम है, जो सप्तमी से नवमी तक होता है।
नियम और निष्ठा – पूजा के दौरान सभी नियमों और निष्ठा का पालन किया जाता है।
पूजा का महत्व :
सार्वजनिक पूजा – मिश्र परिवार की पूजा अब एक सार्वजनिक पूजा बन गई है, जहां दूर-दूर से लोग आते हैं।
आध्यात्मिकता और आनंद – पूजा के दौरान आध्यात्मिकता और आनंद का मेल होता है, जो इसे और भी विशेष बनाता है।
वर्तमान स्थिति :
पूजा की देखभाल – वर्तमान में अवकाश प्राप्त शिक्षक विभावन मिश्र पूजा की देखभाल करते हैं।
परिवार के सदस्य – परिवार के सदस्य पूजा के दौरान एकजुट होते हैं और माँ की कृपा का अनुभव करते हैं।
इस प्रकार, मिश्र परिवार की दुर्गा पूजा एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहर है, जो लोगों को आध्यात्मिकता और आनंद का अनुभव कराती है।
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