कोलकाता। अंतर्राष्ट्रीय संस्था हिन्दी साहित्य भारती पश्चिम बंगाल प्रांत द्वारा डॉ. गिरिधर राय की अध्यक्षता मे दो सत्रों में “वंदेमातरम्” के 150 वर्ष पूर्ण होने, नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती, निराला जयंती एवं सरस्वती पूजा के तत्वाधान में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
पहले सत्र के वक्ता डॉ. आनंद पांडे, डॉ. गिरिधर राय, डॉ. रेशमी पांडा एवं डॉ. दुर्गा व्यास जी ने वंदे मातरम् के ऐतिहासिक पक्षों को उजागर करते हुए उसके महत्व को दर्शाया।
डॉ. आनंद पांडेय के शब्दों में कि महर्षि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने अपनी पुत्री के यह पूछने पर कि वे कविता क्यों नहीं लिखते? तो उन्होंने कहा था कि – “मैं एक ही कविता लिखूँगा जो मुझे अमर कर देगी” ऐसा ही हुआ भी।

डॉ. रेशमी पांडा मुखर्जी ने वंदेमातरम् में निहित शब्दों के गूढ़ अर्थो का विश्लेष्ण करते हुए कहा कि – “वंदे मातरम् गीत का जन्म ही विद्रोह की भावना को जताने के लिए किया गया क्योंकि उस समय हर सभा एवं कार्यक्रम में ब्रिटिश रानी की महिमा गायी जाती थी, जो भारतीयों के मन को आहत करती थी कि हम अपनी धरती माँ की वंदना क्यों ना करें जिससे हम उपकृत है।
आदरणीया दुर्गा व्यास ने कहा कि – वंदे मातरम् से जिन्हें विरोध है उन्हें हमें उसके महत्व और अर्थ को सही ढंग से बतानी होगी। डॉ. गिरिधर राय ने कहा कि – ब्रिटिश शासकों को वंदेमातरम् फोबिया हो गया था वे इसके अंदर निहित देशप्रेम, एकता की भावना और राष्ट्र भक्ति से घबरा उठे थे।
कार्यक्रम का शुभारंभ विजय इस्सर द्वारा ध्येय गीत से हुआ, रंजना झा ने मातृवंदना तथा आलोक चौधरी ने सरस्वती वंदना की। प्रांतीय महामंत्री नीलम झा ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।
इस कार्यक्रम मे रजीत भारती, ओम प्रकाश चौबे, गजेन्द नाहटा, ललिता जोशी, मनोज मिश्र, आश झा, कृष्णानंद मिश्रा, कृष्ण कुमार चौबे, शशि लाहोटी, वंदना पाठक, मोहम्मद आयूब वारसी, जीवन सिंह, नीतू शर्मा रवि पारख, रमा कांत सिन्हा सुजीत, डॉ. एस. फरोगी, शिवम त्रिपाठी, नन्दू बिहारी, देवेश मिश्र ने देश भक्ति की कविताएं पढ़ीं।
प्रदीप कुमार धानुक ने सफल मंच संचालन किया। हिन्दी साहित्य भारती की प्रांतीय अध्यक्ष हिमाद्रि मिश्र ने धन्यवाद ज्ञापन किया कार्यक्रम का समापन भारती मिश्रा द्वारा कल्याण मंत्र से हुआ।
ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे कोलकाता हिन्दी न्यूज चैनल पेज को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। एक्स (ट्विटर) पर @hindi_kolkata नाम से सर्च कर, फॉलो करें।



