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जन्मकुंडली में इन ग्रहों के संयोग से बनता है? सरकारी नौकरी का योग, मान-सम्मान और प्रतिष्ठा की होती है प्राप्ति!

वाराणसी। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सरकारी नौकरी के लिए जन्म कुंडली के दशम स्थान का आंकलन किया जाता है। कुंडली के इस क्षेत्र को कार्य क्षेत्र के लिए जाना जाता है। वैदिक पंचांग के अनुसार जब भी कोई व्यक्ति का जन्म होता है तो उसकी जन्मकुंडली में स्थित ग्रहों के आधार पर उसके व्यक्तित्व, करियर, कारोबार और सेहत और वैवाहिक जीवन के बारे में पता लगाया जा सकता है।

साथ ही कुंडली में कुछ ऐसे विशेष योग और राजयोग होते हैं। जिनका विश्लेषण करके व्यक्ति के काम-कारोबार के बारे में पता लगाया जाता है। वहीं यहां आज बात करने जा रहे हैं सरकारी नौकरी के बारे में।

ज्योतिष के अनुसार कुछ ग्रह ऐसे होते हैं जो आपके जीवन में सरकारी नौकरी का योग बनाते हैं। कुंडली में इन योगों के होने से सरकारी नौकरी लेने की संभावना बढ़ जाती है। आइए जानते हैं ग्रहों की वो कौन सी स्थिति हैं जो सरकारी नौकरी के योग बनाती हैं।

📍जन्मकुंडली में सरकारी नौकरी के योग :
📌 1. कारकांश जन्मपत्री में यदि सूर्य ग्रह लग्न में मेष राशि में हो और तीन-चार ग्रह शुभ स्थिति में होने पर व्यक्ति को प्रशासनिक अधिकारी बनाते हैं। साथ ही ये लोग समाज में लोकप्रिय होते हैं और प्रतिष्ठा पाते हैं।

📌 2. अगर आपकी कुंडली के दूसरे, छठे और दसवें घर में सूर्य ग्रह मजबूत होकर बैठा है, मतलब वह स्वराशि, उच्च राशि या मूलत्रिकोण स्थित में हो तो आपको सरकारी नौकरी मिलने की ज्यादा संभावना होती है। वहीं यहां यह देखना जरूरी है कि सूर्य कितने डिग्री पर स्थित हैं और उन पर किस ग्रह की दृष्टि पड़ रही है।

📌 3. वहीं कुंडली के दूसरे, छठे और दसवें घर में गुरू का मजबूत होना भी आपको सरकारी नौकरी मिलने के योग बनाता है। साथ ही ऐसे लोग सात्विक होते हैं, साथ ही भगवान को मानने वाले होते हैं।

📌 4. यदि कुंडली के दशम स्थान पर दशमेश की दृष्टि हो और जन्मांग चक्र में शुभ ग्रह परस्पर द्विद्र्वादश योग बनाएं। इसके साथ ही लग्नेश मतबूत हो तो प्रशासनिक सेवा में जाने के अवसर मिलते हैं। साथ ही ऐसे लोग साहसी और पराक्रमी होते हैं।

📌 5. कुंडली जब चंद्रमा ग्यारहवें भाव में और गुरु तीसरे भाव में स्थित होते हैं। यह योग व्यक्ति के जीवन में सुख, समृद्धि और सरकारी नौकरी प्राप्ति का संकेत देता है। साथ ही ऐसे लोग शिक्षक, प्रोफेसर और प्रिंसिपल हो सकते हैं।

ज्योतिर्विद रत्न वास्तु दैवज्ञ
पंडित मनोज कृष्ण शास्त्री
मो. 99938 74848

(स्पष्टीकरण : इस आलेख में दिए गए विचार लेखक के हैं और इसे ज्यों का त्यों प्रस्तुत किया गया है।)

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