कविता के रंगों से सजी माखला की शाम
उत्तरपाड़ा। माखला पहलाद सिंह हाई स्कूल का प्रांगण रविवार को नहीं, बल्कि कविता की बरसात में भीगता कोई सुंदर सपना था। शब्द साधना संस्था के आयोजन ने न केवल विद्यालय परिसर को, बल्कि हर श्रोता के मन को भी कविता की सुगंध से आकंठ सराबोर कर दिया।
मंच, कविता और सरस्वती : ज्यों ही प्रांगण में रीमा पांडेय की स्वरचित सरस्वती वंदना गूंजी, लगा जैसे माँ शारदा स्वयं उपस्थित होकर सभागार को आलोकित कर रही हैं।

मंच पर मुख्य अतिथि राम पुकार सिंह, रंजीत भारती, शिव शंकर सिंह, सुमित व नंदू बिहार की उपस्थिति ने इस सांस्कृतिक मौलिकता को और विशिष्ट बना दिया। कवियों ने बांधा समांहर काव्य पाठ ऐसा कि मानो शब्दों ने रंगीन पंख लगा लिए हों।
प्रेम, ओज, देशभक्ति और सामाजिक सरोकार हर भाव कविता की धार में बह निकला। जब-जब किसी शेर या मिसरे ने श्रोताओं के दिल को छुआ, तालियों और वाहवाही की गूंज देर तक बुलंद रही।
मंच संचालन व श्रोता : पूरे आयोजन को प्रदीप कुमार धानुक की सुंदर, सहज और ऊर्जा से भरपूर मंच संचालन ने रसपूर्ण प्रवाह दिया। श्रोता छोटे-बड़े, युवा-बुजुर्ग हर कविता, गीत और गजल पर झूमते, मुस्कराते, कभी भावुक और कभी उल्लास से भरते रहे।
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