कोलकाता। पश्चिम बंगाल सरकार ने करोड़ों रुपये के शिक्षक भर्ती घोटाले के सिलसिले में राज्य के शिक्षा सचिव मनीष जैन को गुरुवार को अदालत में पेश होने के लिए कलकत्ता उच्च न्यायालय की एकल-न्यायाधीश पीठ के फैसले को चुनौती दी है। राज्य सरकार ने बुधवार की रात कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के कार्यालय को एक ईमेल भेजा, जिसमें गुरुवार सुबह न्यायमूर्ति अभिजीत गंगोपाध्याय की अदालत में जैन की उपस्थिति के निर्धारित समय से पहले खंडपीठ गठित करने और राज्य सरकार की याचिका पर सुनवाई करने का अनुरोध किया। आदेश पारित करते हुए न्यायमूर्ति गंगोपाध्याय ने राज्य के शिक्षा सचिव मनीष जैन को न्यायालय में उपस्थित होने का भी निर्देश दिया।

बुधवार दोपहर को, न्यायमूर्ति गंगोपाध्याय ने उन मास्टरमाइंडों की पहचान करने के लिए नए सिरे से सीबीआई की जांच का आदेश दिया, जो राज्य द्वारा संचालित स्कूलों में शिक्षकों के रूप में अवैध रूप से नियुक्त कर पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (डब्ल्यूबीएसएससी) को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने सीबीआई से सात दिनों के भीतर इस संबंध में अपनी अदालत को एक रिपोर्ट सौंपने को कहा, जिसके बाद अदालत आगे की कार्रवाई तय करेगी।

राज्य सरकार के सूत्रों ने कहा कि प्रशासन जैन के अदालत में पेश होने के खिलाफ है और इसलिए उन्होंने कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के कार्यालय को एक ईमेल याचिका भेजी है, ताकि खंडपीठ जैन की अदालत में उपस्थिति के निर्धारित समय से पहले मामले की सुनवाई कर सके।  न्यायमूर्ति गंगोपाध्याय ने अवैध रूप से नियुक्त शिक्षकों के हितों की रक्षा करने में पश्चिम बंगाल के कुछ मंत्रियों की भूमिका पर भी सवाल उठाया।

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