टाटानगर। ओबीसी रेलवे कर्मचारी संघ दक्षिण पूर्व रेलवे के महासचिव कृष्ण मोहन प्रसाद ने आज टाटानगर के रेलवे कॉलोनी का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के उपरांत उन्होंने कहा कि टाटानगर के रेलवे कॉलोनी में रहने वाले रेलवे कर्मचारी एवं उनके परिजन नारकीय जीवन जीने को अभिशप्त हैं।
निरीक्षण के उपरांत उन्होंने मंडल रेल प्रबंधक तरुण हुरिया को निरीक्षण का रिपोर्ट प्रेषित कर के टाटानगर के समस्त रेलवे कालोनियों में बुनियादी सुविधा उपलब्ध करवाकर रहने योग्य बनाए जाने की मांग की।
कृष्ण मोहन प्रसाद ने बताया कि ओबीसी रेलवे कर्मचारी संघ विगत कई वर्षों से मंडल रेलवे प्रशासन से टाटानगर में सुविधायुक्त मल्टी स्टोरेज बिल्डिंग बनाकर मॉडल कॉलोनी का निर्माण करने की लगातार मांग करती आ रही है।

उल्लेखनीय है कि विगत 10 वर्ष पूर्व पुराने जर्जर रेलवे आवासों को रंग रोगन करके मॉडल कॉलोनी का रूप दे दिया गया था। जिसकी आज स्थिति नारकीय ही नहीं भयावह हो चुकी है।
प्रसाद ने जब अपने ओबीसी रेलवे कर्मचारी संघ के अन्य पदाधिकारी के साथ ट्रैफिक रेलवे कॉलोनी के आवास संख्या 626/2 , 643/2, 642/1 का निरीक्षण किया, जिसमें 626/2 अत्यंत जर्जर अवस्था में गिरने की स्थिति में पाया गया।
उस रेलवे आवास में रहने वाले विद्युत विभाग के कर्मचारी, तकनीशियन सूरज कुमार ने बताया कि उनके परिजनों का जीवन खतरे में है, उनके रेलवे आवास का छत कभी भी गिर सकता है। बगल के क्वार्टर में बाहरी लोगों का अवैध कब्जा है, जिसमें रात को असामाजिक तत्वों का जमावड़ा होता है।
इसमें रात को बिना किसी डर भय के बाहरी लोग दारू, शराब एवं गांजा का सेवन करते है। ट्रैफिक कालोनी की अधिकतर रेलवे आवासों की स्थिति दयनीय होने के कारण रहने योग्य नहीं है।
ओ.बी.सी. संगठन के प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने टाटानगर के ट्रैफिक रेलवे कालोनी एवं बागबेड़ा रेलवे मॉडल कालोनी का निरीक्षण किया। उपरोक्त दोनों कालोनियों में जल निकासी के लिए ड्रेनेज व्यस्था उपलब्ध नहीं कराया गया है, जिससे वर्षा होने की स्थिति में रेलवे आवासों में गंदे नाली एवं वर्षा का जल प्रवेश कर जाता है।
उपरोक्त दोनों कालोनियों में एक भी सड़क चलने योग्य नहीं हैं। सड़कों पर जल जमाव एवं कचड़े का अंबार लगा रहता है। सड़क से रेलवे आवासों में प्रवेश करने के लिए कोई पाथवे नहीं बनाया गया है। किसी भी रेलवे आवास को बाउंड्री से नहीं घेरा गया है।
कचड़ा विसर्जित करने के लिए प्रयाप्त कूड़ेदान उपलब्ध नहीं करवाया गया है। एक दो कूड़ेदान जो अव्यस्थित अवस्था में है, वहां कचरे एवं मरे हुए जानवरों का अंबार लगा हुआ पाया गया। बागबेड़ा रेलवे कॉलोनी में निर्मित एकमात्र चिल्ड्रन पार्क भी अस्त व्यस्त पाया गया।
ओ.बी.सी. रेलवे कर्मचारी संघ के प्रतिनिधि मंडल में सम्मिलित टाटानगर शाखा के सचिव मुद्रिका प्रसाद, कार्यकारी अध्यक्ष अर्जुन साहू, रनिंग शाखा के सहायक सचिव आदर्श कुमार, सहायक सचिव संजीव कुमार, ट्रेजरर वीरेंद्र कुमार एवं जवाहर लाल कर्मकार ने निरीक्षण अभियान में भाग लिया।
ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे कोलकाता हिन्दी न्यूज चैनल पेज को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। एक्स (ट्विटर) पर @hindi_kolkata नाम से सर्च कर, फॉलो करें।



